Bihar: केंद्र सरकार के पंचायती राज मंत्रालय ने PAI 2.0 रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में बिहार की 8,053 ग्राम पंचायतों में से सिर्फ दो पंचायतों को ‘Front Runner’ श्रेणी में रखा गया है। यह रिपोर्ट साल 2023-24
Bihar: केंद्र सरकार के पंचायती राज मंत्रालय ने PAI 2.0 रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में बिहार की 8,053 ग्राम पंचायतों में से सिर्फ दो पंचायतों को ‘Front Runner’ श्रेणी में रखा गया है। यह रिपोर्ट साल 2023-24 के लिए है और इसे 24 अप्रैल 2026 को नेशनल पंचायती राज दिवस पर पेश किया गया।
PAI 2.0 रिपोर्ट में पंचायतों को कैसे बांटा गया?
सरकार ने पंचायतों के कामकाज को परखने के लिए 150 इंडिकेटर और 230 डेटा पॉइंट्स का इस्तेमाल किया। इसके आधार पर पंचायतों को पांच ग्रेड में बांटा गया है। 90 से ऊपर स्कोर करने वाले ‘Achiever’ (A+), 75 से 90 वाले ‘Front Runner’ (A), 60 से 75 वाले ‘Performer’ (B), 40 से 60 वाले ‘Aspirant’ (C) और 40 से कम स्कोर करने वाले ‘Beginner’ (D) श्रेणी में रखे गए। खास बात यह है कि पूरे देश में एक भी पंचायत ‘Achiever’ श्रेणी में नहीं आ पाई।
बिहार की पंचायतों का प्रदर्शन कैसा रहा?
बिहार के लिए यह रिपोर्ट मिली-जुली रही। जहां दो पंचायतें ग्रेड A में आईं, वहीं राज्य की 6,862 पंचायतें ‘Aspirant’ (ग्रेड C) श्रेणी में रह गईं। इसका मतलब है कि बिहार की ज्यादातर पंचायतों को विकास के लिए अभी बहुत मेहनत करने की जरूरत है। हालांकि, ‘गरीबी मुक्त और बेहतर आजीविका’ और ‘स्वस्थ पंचायत’ जैसे विषयों पर पंचायतों ने अच्छा काम किया है।
इस रिपोर्ट का आम लोगों पर क्या असर होगा?
मंत्रालय का कहना है कि PAI 2.0 का मकसद पंचायतों में पारदर्शिता लाना और जवाबदेही तय करना है। इससे यह पता चलेगा कि गांव के स्तर पर विकास के लक्ष्य (LSDGs) कितने पूरे हुए हैं। जब डेटा सामने आएगा, तो प्रशासन उन पंचायतों पर ज्यादा ध्यान दे पाएगा जो पिछड़ रही हैं, ताकि गांवों को ‘विकसित ग्राम पंचायत’ बनाया जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
PAI 2.0 रिपोर्ट क्या है और इसे किसने जारी किया?
यह पंचायत Advancement Index की रिपोर्ट है जिसे भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय ने जारी किया है। इसमें 33 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 2,59,867 ग्राम पंचायतों के कामकाज का आकलन किया गया है।
बिहार की कितनी पंचायतें फ्रंट रनर श्रेणी में आईं?
बिहार की कुल 8,053 ग्राम पंचायतों में से केवल 2 पंचायतें ‘Front Runner’ (ग्रेड A) श्रेणी में शामिल हो पाई हैं, जबकि 6,862 पंचायतें ‘Aspirant’ (ग्रेड C) श्रेणी में हैं।