Bihar में पंचायत परिसीमन का नया फॉर्मूला, 50% से अधिक SC-ST और OBC आबादी वाले गांव में बनेगा मुख्यालय

Bihar: बिहार सरकार ने ग्राम पंचायतों के परिसीमन के लिए एक नया फॉर्मूला लागू किया है। अब उन गांवों में पंचायत मुख्यालय बनाए जाएंगे जहां अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की आबादी 50 प्रतिश

Bihar: बिहार सरकार ने ग्राम पंचायतों के परिसीमन के लिए एक नया फॉर्मूला लागू किया है। अब उन गांवों में पंचायत मुख्यालय बनाए जाएंगे जहां अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की आबादी 50 प्रतिशत से ज्यादा होगी। पंचायती राज विभाग ने इस संबंध में विस्तृत अधिसूचना जारी कर दी है।

नए नियमों के मुताबिक, अगर किसी पंचायत क्षेत्र में SC, ST और OBC की कुल आबादी 50 प्रतिशत से अधिक है, तो मुख्यालय उसी गांव में बनेगा जहां इन समुदायों का अनुपात सबसे ज्यादा होगा। यह नियम तब भी लागू रहेगा जब उस क्षेत्र के किसी दूसरे गांव की कुल जनसंख्या ज्यादा हो। सामान्य तौर पर पंचायत का नाम और मुख्यालय सबसे ज्यादा आबादी वाले गांव के आधार पर तय होता था, लेकिन अब इस नए फॉर्मूले से बदलाव आएगा।

यह पूरी प्रक्रिया 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर की जाएगी। प्रशासन ने तय किया है कि ग्राम पंचायत लगभग 7,000 की आबादी पर, जिला परिषद क्षेत्र 50,000 की आबादी पर और वार्ड 500 की आबादी पर बनाए जाएंगे। परिसीमन का काम हर ब्लॉक में उत्तर-पश्चिम से दक्षिण-पूर्व की दिशा में क्रमवार तरीके से चलेगा।

सीमाओं का निर्धारण करते समय नदी, नहर, रेलवे लाइन और मुख्य सड़कों जैसे प्राकृतिक और स्थायी निशानों को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि भविष्य में कोई विवाद न हो। सरकार की कोशिश है कि किसी भी गांव का अनावश्यक बंटवारा न किया जाए, लेकिन प्रशासनिक जरूरत पड़ने पर ही ऐसा होगा।

पंचायती राज मंत्री Deepak Prakash ने साफ किया है कि बिहार में पंचायत चुनाव तभी होंगे जब परिसीमन की यह पूरी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। जिलाधिकारियों (DM) को ब्लॉक स्तर पर यह काम पूरा करने का अधिकार दिया गया है और डिविजनल कमिश्नर इसकी निगरानी करेंगे। परिसीमन का ड्राफ्ट सार्वजनिक किया जाएगा, जिस पर 15 दिनों के भीतर लोग अपनी आपत्ति या सुझाव दे सकेंगे। इसके बाद जिला गजट में अंतिम सूची प्रकाशित की जाएगी।