Bihar में 30 साल बाद पंचायतों का होगा परिसीमन, मेसकौर समेत पूरे राज्य में बदल जाएगी वार्डों की सीमा

Bihar: बिहार सरकार ने राज्य की ग्राम पंचायतों, वार्डों, पंचायत समिति और जिला परिषद के परिसीमन को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। करीब 30 से 36 साल बाद अब नए सिरे से सीमाओं का निर्धारण होगा, जिसे पंचायत प्रतिनिधियों ने ऐतिहास

Bihar: बिहार सरकार ने राज्य की ग्राम पंचायतों, वार्डों, पंचायत समिति और जिला परिषद के परिसीमन को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। करीब 30 से 36 साल बाद अब नए सिरे से सीमाओं का निर्धारण होगा, जिसे पंचायत प्रतिनिधियों ने ऐतिहासिक कदम बताया है। इस निर्णय से मेसकौर प्रखंड समेत पूरे बिहार के ग्रामीण प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव आने वाला है।

कैबिनेट ने यह फैसला 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर लिया है। पिछली बार परिसीमन 1994 में हुआ था, जिसके बाद अब जनसंख्या में हुए बदलावों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। इस प्रक्रिया के बाद बिहार में ग्राम पंचायतों की संख्या 8,053 से बढ़कर 12,000 से अधिक होने की संभावना है। जिन पंचायतों की आबादी 3,000 से कम होगी, उन्हें दूसरी पंचायतों में मिलाया जा सकता है और एक पंचायत में अधिकतम 14 वार्ड हो सकेंगे।

प्रशासनिक सुधार के साथ-साथ सरकार ने पंचायतों की कमाई बढ़ाने के लिए ‘ग्राम पंचायत कर, दर एवं शुल्क नियमावली, 2026’ के ड्राफ्ट को भी मंजूरी दी है। अब ग्राम पंचायतें शहरी निकायों की तरह होल्डिंग टैक्स और अन्य शुल्क वसूल सकेंगी, जिससे स्थानीय विकास कार्यों के लिए उनके पास अपना फंड होगा। मुख्यमंत्री Samrat Chaudhary के इस फैसले का पंचायत प्रतिनिधियों और मुखिया महासंघ ने स्वागत किया है।

चुनावों की बात करें तो 2026 में होने वाले पंचायत चुनाव इसी नए परिसीमन के बाद कराए जाएंगे। राज्य चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट और निर्वाचन क्षेत्रों का काम पहले ही शुरू कर दिया है। उम्मीद है कि परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नवंबर-दिसंबर 2026 के आसपास चुनाव संपन्न होंगे। जिला निर्वाचन अधिकारी नए वार्डों और पंचायतों की सीमाओं को तय करने और उनकी निगरानी करने की जिम्मेदारी संभालेंगे।