Bihar: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील पर बिहार सरकार ने राज्य में ‘नो व्हीकल डे’ मनाया। इस पहल के तहत शुक्रवार, 15 मई 2026 को मुख्यमंत्री Samrat Choudhary अपने सरकारी आवास से सचिवालय तक पैदल
Bihar: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील पर बिहार सरकार ने राज्य में ‘नो व्हीकल डे’ मनाया। इस पहल के तहत शुक्रवार, 15 मई 2026 को मुख्यमंत्री Samrat Choudhary अपने सरकारी आवास से सचिवालय तक पैदल चलकर पहुंचे। उनके साथ पंचायती राज मंत्री Deepak Prakash ने भी पैदल सफर किया, जबकि शिक्षा मंत्री Mithilesh Tiwari ई-रिक्शा का इस्तेमाल कर अपने ऑफिस पहुंचे।
नो व्हीकल डे के तहत क्या नियम लागू किए गए
मुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने राज्य में हफ्ते में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ मनाने की अपील की है। इसके तहत मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों से कहा गया है कि वे सार्वजनिक कार्यक्रमों में एस्कॉर्ट वाहनों का कम इस्तेमाल करें। आम जनता को निजी गाड़ियों के बजाय मेट्रो, इलेक्ट्रिक बस और ऑटो-रिक्शा जैसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करने की सलाह दी गई है। साथ ही, सरकारी दफ्तरों में मीटिंग्स के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और वर्क-फ्रॉम-होम को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलों और विभागों में कैसे दिख रहा असर
इस मुहिम का असर अलग-अलग जिलों में दिख रहा है। Khagaria जिला प्रशासन ने हर शुक्रवार को ‘नो व्हीकल डे’ घोषित किया है, जहां अधिकारियों और कर्मचारियों को साइकिल या पैदल ऑफिस आने को कहा गया है। कैबिनेट मीटिंग्स के लिए अशोक चौधरी, जामा खान और मदन साहनी जैसे मंत्री अब कारपूलिंग कर रहे हैं। इसके अलावा सरकारी कैंटीन में पाम ऑयल के इस्तेमाल को कम करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार में नो व्हीकल डे क्यों मनाया गया
यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील पर शुरू की गई है ताकि पेट्रोल और डीजल की खपत कम हो और पर्यावरण को बढ़ावा मिले।
खगड़िया जिले में क्या विशेष नियम है
खगड़िया जिला प्रशासन ने हर शुक्रवार को नो व्हीकल डे तय किया है, जिसमें सरकारी कर्मचारियों को साइकिल या पैदल ऑफिस जाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।