Bihar : कभी लालटेन युग के लिए जाने जाने वाला बिहार अब पूरी दुनिया के लिए मिसाल बन गया है। NASA की एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अंतरिक्ष से देखने पर बिहार रात के समय किसी हीरे की तरह चमक रहा है। साल 2014 से 2022 के बीच राज
Bihar : कभी लालटेन युग के लिए जाने जाने वाला बिहार अब पूरी दुनिया के लिए मिसाल बन गया है। NASA की एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अंतरिक्ष से देखने पर बिहार रात के समय किसी हीरे की तरह चमक रहा है। साल 2014 से 2022 के बीच राज्य की रात की रोशनी में 3.5 गुना बढ़ोत्तरी हुई है, जो यहाँ के तेजी से होते विकास और बिजली की पहुँच को बयां करती है।
नासा की रिपोर्ट में बिहार की चमक का क्या कारण है?
NASA ने पृथ्वी की रात की रोशनी का एक नया मैप जारी किया है। इसमें पाया गया कि 2012 से 2021 के बीच बिहार की रात की रोशनी में करीब 474% की बढ़ोतरी हुई है। कनेक्टिकट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने VIIRS सैटेलाइट की तस्वीरों का विश्लेषण किया, जिसमें उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में रोशनी का स्तर काफी बढ़ा हुआ दिखा। यह बदलाव राज्य में बिजली के बढ़ते इस्तेमाल और बुनियादी ढांचे में सुधार की वजह से आया है।
बिजली के क्षेत्र में बिहार ने कितनी तरक्की की है?
बिहार अब एक ‘पावर सरप्लस’ राज्य बनने की राह पर है। राज्य की बिजली खपत और क्षमता में पिछले दो दशकों में भारी उछाल आया है। ‘हर घर बिजली’ योजना के तहत राज्य के सभी गांवों और बस्तियों तक बिजली पहुंचाई गई है।
| विवरण |
डेटा/जानकारी |
| बिजली की चरम मांग (2005) |
700 मेगावाट |
| बिजली की चरम मांग (2025) |
8,752 मेगावाट |
| वर्तमान बंधी हुई क्षमता |
11,000 मेगावाट से अधिक |
| मार्च 2024 में बिजली खपत |
39,278 GWh |
| मुफ्त बिजली योजना |
1.86 करोड़ उपभोक्ताओं को 125 यूनिट मुफ्त |
भविष्य के लिए क्या हैं बिहार सरकार के प्लान?
बिहार सरकार अब सौर ऊर्जा और अन्य क्लीन एनर्जी पर जोर दे रही है। राज्य ने एक नई नवीकरणीय ऊर्जा नीति शुरू की है, जिससे 2029-30 तक 24 GW क्षमता हासिल करने का लक्ष्य है। इसके लिए L&T और NTPC जैसी बड़ी कंपनियों के साथ समझौता किया गया है, जिसमें करीब 53.37 बिलियन रुपये का निवेश होगा। साथ ही, बिहार विद्युत नियामक आयोग (BERC) ने 2026-27 के लिए बिजली टैरिफ में कोई बढ़ोतरी नहीं करने का फैसला किया है, जिससे आम जनता को राहत मिलेगी।