Bihar में जेल के नियम बदले, मोबाइल मिलने पर 3 साल की अतिरिक्त सजा और उत्पात मचाने पर पैरोल बंद
Bihar: राज्य सरकार ने जेलों में अनुशासन बनाए रखने के लिए नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। अब जेल के अंदर मारपीट या तोड़फोड़ करने वाले कैदियों की पैरोल रोक दी जाएगी और उन्हें कैंटीन जैसी बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित रखा जा
Bihar: राज्य सरकार ने जेलों में अनुशासन बनाए रखने के लिए नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। अब जेल के अंदर मारपीट या तोड़फोड़ करने वाले कैदियों की पैरोल रोक दी जाएगी और उन्हें कैंटीन जैसी बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित रखा जाएगा। साथ ही, जेल के अंदर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने वालों के लिए सजा और बढ़ाई गई है।
बिहार सरकार ने 132 साल पुराने ब्रिटिश काल के कारागार अधिनियम, 1894 को खत्म कर दिया है। इसकी जगह अब नया ‘बिहार कारा एवं सुधारात्मक सेवा विधेयक, 2026’ लागू किया गया है। इस नए कानून का मकसद जेल प्रशासन को बेहतर बनाना और बंदियों के सुधार पर जोर देना है। पटना हाई कोर्ट के आदेश के बाद जेल मैनुअल में ये संशोधन किए गए हैं।
नए नियमों के तहत सुरक्षा व्यवस्था को बहुत सख्त किया गया है। अब पैरोल पर बाहर जाने वाले कैदियों की निगरानी के लिए उनके शरीर पर GPS ट्रैकिंग डिवाइस लगाया जाएगा, जिससे उनकी लोकेशन का पता चलता रहेगा। जेल परिसर को ‘नो नेटवर्क जोन’ बनाने के लिए ‘टावर ऑफ हारमोनिएस कॉल ब्लॉकिंग सिस्टम’ (T-HCBS) तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि मोबाइल के जरिए होने वाले अपराधों को रोका जा सके।
| नियम/सुविधा | बदलाव और सजा |
|---|---|
| मोबाइल फोन का उपयोग | 3 साल की अतिरिक्त जेल की सजा |
| तोड़फोड़ या मारपीट | पैरोल बंद और कैंटीन सुविधा से वंचित |
| पैरोल निगरानी | GPS ट्रैकिंग डिवाइस का उपयोग |
| विजिटर सुविधा | एक महीने तक परिजनों से मिलने पर रोक (वकील को छोड़कर) |
| पृथक कारावास | एक महीने से अधिक समय तक अकेले बंद रखने का प्रावधान |
| नया कानून | बिहार कारा एवं सुधारात्मक सेवा विधेयक, 2026 लागू |
सुधार कार्यों के तहत अब पहली बार अपराध करने वालों और युवा बंदियों को अलग वार्ड में रखा जाएगा। कुख्यात अपराधियों को सामान्य कैदियों से अलग रखने की व्यवस्था होगी। साथ ही वृद्ध, बीमार और गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष आहार का इंतजाम किया गया है। सभी युवा बंदियों का शैक्षणिक कोर्स में नामांकन कराया जाएगा और जेल परिसर को ग्रीन कैंपस के रूप में विकसित किया जाएगा।