Bihar : बिहार में सत्ता परिवर्तन के बाद Samrat Chaudhary ने मुख्यमंत्री के रूप में कमान संभाल ली है। बुधवार, 15 अप्रैल 2026 को राज्यपाल Syed Ata Hasnain ने लोक भवन, पटना में उन्हें पद की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री बनते ही उन
Bihar : बिहार में सत्ता परिवर्तन के बाद Samrat Chaudhary ने मुख्यमंत्री के रूप में कमान संभाल ली है। बुधवार, 15 अप्रैल 2026 को राज्यपाल Syed Ata Hasnain ने लोक भवन, पटना में उन्हें पद की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री बनते ही उन्होंने अधिकारियों के साथ पहली बड़ी बैठक की और राज्य के विकास के लिए सख्त निर्देश जारी किए।
Samrat Chaudhary ने अधिकारियों को क्या निर्देश दिए?
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट कहा है कि जनता की समस्याओं का निपटारा अब प्राथमिकता से होगा। उन्होंने काम की रफ्तार को दोगुना करने और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने को कहा है। प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि ब्लॉक ऑफिस, जमीन ऑफिस और पुलिस थानों में आम लोगों को होने वाली परेशानी कम की जाए और डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा दिया जाए।
बिहार सरकार का नया 5 सूत्रीय एजेंडा क्या है?
- जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए अधिकारियों को डबल स्पीड से काम करना होगा।
- प्रशासन के हर स्तर पर भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- राज्य मुख्यालय से लेकर जमीनी स्तर तक किसी भी काम में देरी बर्दाश्त नहीं होगी।
- ब्लॉक और थाना स्तर पर शिकायतों का समय पर निपटारा सुनिश्चित करना होगा।
- सभी विभाग आपसी तालमेल और अनुशासन के साथ बिहार की समृद्धि के लिए काम करेंगे।
जमीन विवाद और शासन मॉडल पर क्या रहेगा जोर?
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में मोदी-नीतीश मॉडल लागू किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर खास जोर दिया कि बिहार में होने वाले 60% से 70% आपसी झगड़े जमीन विवाद की वजह से होते हैं, इसलिए जमीन से जुड़े मामलों को जल्द सुलझाना सरकार की प्राथमिकता होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि विकास योजनाओं में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।