Bihar में NEET-UG पुन:परीक्षा के दौरान बड़ा फर्जीवाड़ा, MBBS छात्र समेत 9 फर्जी अभ्यर्थी गिरफ्तार

Bihar/Lakhisarai: बिहार में नीट यूजी (NEET-UG) की पुन:परीक्षा के दौरान फर्जीवाड़े का एक बड़ा मामला सामने आया है। लखीसराय के परीक्षा केंद्रों से कुल 9 ऐसे लोगों को पकड़ा गया है, जो दूसरे छात्रों की जगह परीक्षा देने आए थे।

Bihar/Lakhisarai: बिहार में नीट यूजी (NEET-UG) की पुन:परीक्षा के दौरान फर्जीवाड़े का एक बड़ा मामला सामने आया है। लखीसराय के परीक्षा केंद्रों से कुल 9 ऐसे लोगों को पकड़ा गया है, जो दूसरे छात्रों की जगह परीक्षा देने आए थे। इनमें एक एमबीबीएस छात्र भी शामिल है, जिसे बायोमेट्रिक जांच के दौरान पकड़ा गया।

पकड़े गए लोगों में अर्पित राज नाम का युवक है, जो गया के अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज में चौथे वर्ष का एमबीबीएस छात्र है। जांच में यह बात सामने आई कि अर्पित का नाम पहले भी नीट पेपर लीक से जुड़े मामलों में आया था। पुलिस को शक है कि गिरफ्तार किए गए बाकी लोग भी मेडिकल के छात्र या पेशेवर डॉक्टर हो सकते हैं, जिन्हें ‘स्कॉलर्स’ के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था।

जानकारी के मुताबिक, ये स्कॉलर्स मोटी रकम लेकर असली अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देते थे। इस सौदे में आधी रकम एडवांस ली जाती थी और बाकी पैसा छात्र के सफल होने के बाद वसूला जाता था। लखीसराय के जिला मजिस्ट्रेट शैलेंद्र कुमार और पुलिस अधीक्षक प्रेरणा कुमार खुद इस पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। पुलिस अब इस नेटवर्क को खंगाल रही है ताकि पता चल सके कि इसके तार किन अन्य जिलों या राज्यों से जुड़े हैं।

इस बार एनटीए (NTA) ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, जैमर और त्रिस्तरीय सुरक्षा जांच की व्यवस्था थी। बायोमेट्रिक सत्यापन की वजह से ही फर्जी अभ्यर्थियों की पहचान हो पाई। बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) भी हाई अलर्ट पर थी और उसने 135 संदिग्ध लोगों पर नजर रखी हुई थी।

बता दें कि हाल ही में मुजफ्फरपुर में भी फर्जी प्रश्नपत्र बेचने के आरोप में चार लोग गिरफ्तार हुए थे। वहीं गया जिले से एक युवक को रिफंड राशि के नाम पर धोखाधड़ी करने के आरोप में पकड़ा गया था। फिलहाल सीबीआई (CBI) मूल नीट परीक्षा में हुए पेपर लीक मामले की जांच कर रही है।