Bihar में NEET प्रदर्शनकारियों को बड़ी राहत, 64 FIR रद्द लेकिन सीवान के 21 लोग अब भी रडार पर

Bihar: राज्य सरकार ने नीट-यूजी परीक्षा के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों और युवाओं को बड़ी राहत दी है। सरकार ने 26 जुलाई 2026 की शाम 6 बजे से पहले दर्ज की गई कुल 64 FIR को वापस लेने का फैसला किया है। इस कदम से सैकड़ों

Bihar: राज्य सरकार ने नीट-यूजी परीक्षा के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों और युवाओं को बड़ी राहत दी है। सरकार ने 26 जुलाई 2026 की शाम 6 बजे से पहले दर्ज की गई कुल 64 FIR को वापस लेने का फैसला किया है। इस कदम से सैकड़ों छात्रों को कानूनी झंझटों से मुक्ति मिल गई है और कई जेलों से रिहा भी कर दिए गए हैं।

बिहार के महाधिवक्ता एसडी संजय ने सभी जिला मजिस्ट्रेटों और लोक अभियोजकों को पत्र लिखकर इस आदेश का पालन करने को कहा है। सरकार ने साफ किया है कि तय समय सीमा तक हुए प्रदर्शनों के लिए अब कोई दंडात्मक या कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। पटना में सबसे ज्यादा 27 मामले वापस लिए गए हैं, जबकि सारण और सीवान में 6-6 मामले रद्द हुए हैं। छात्र नेता शांतनु कुमार समेत कई अन्य छात्रों को पटना की बेऊर जेल से रिहा कर दिया गया है। 25 जुलाई के प्रदर्शन में कुल 694 लोग पकड़े गए थे, जिनमें से 339 नाबालिगों और छात्रों को रिहा कर दिया गया है, हालांकि 355 लोग अब भी हिरासत में हैं।

इस बीच सीवान के 21 लोगों को इस राहत का फायदा नहीं मिला है। बिहार पुलिस का कहना है कि ये लोग छात्र नहीं थे बल्कि इनका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है और ये सीवान हिंसा में शामिल थे। पुलिस के पास इनके खिलाफ वीडियो और अन्य पुख्ता सबूत मौजूद हैं। गौरतलब है कि सीवान के एसपी पूरन कुमार झा भी उस हिंसा के दौरान घायल हुए थे। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल सरकारी अधिकारियों द्वारा दर्ज मामले वापस लिए गए हैं, निजी व्यक्तियों द्वारा दर्ज केसों पर यह आदेश लागू नहीं होगा।

इस फैसले पर अलग-अलग राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया आई है। AISA और CPI-ML लिबरेशन ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया है, लेकिन साथ ही मनमानी गिरफ्तारी का आरोप लगाते हुए सभी कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग की है। वहीं कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने पहले चेतावनी दी थी कि अगर मामले वापस नहीं लिए गए तो दोबारा आंदोलन किया जाएगा।