Bihar में NEET पेपर सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश, भरत तिवारी एनकाउंटर केस में पुलिसकर्मियों पर हत्या की FIR दर्ज
Bihar: बिहार में शिक्षा और कानून व्यवस्था से जुड़ी दो बड़ी खबरें सामने आई हैं। एक तरफ लखीसराय में NEET परीक्षा में धांधली करने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है, वहीं दूसरी तरफ भोजपुर में एक्टिविस्ट भरत तिवारी की मौत
Bihar: बिहार में शिक्षा और कानून व्यवस्था से जुड़ी दो बड़ी खबरें सामने आई हैं। एक तरफ लखीसराय में NEET परीक्षा में धांधली करने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है, वहीं दूसरी तरफ भोजपुर में एक्टिविस्ट भरत तिवारी की मौत के मामले में पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है।
NEET-UG की दोबारा हुई परीक्षा के दौरान बिहार पुलिस ने लखीसराय जिले के अलग-अलग सेंटर्स से करीब 24 से 30 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह में बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन कंपनी के 14 से 18 कर्मचारी, 5 मेडिकल छात्र और 9 सॉल्वर शामिल हैं। जांच में पता चला है कि यह गैंग फर्जी पहचान पत्र के जरिए सॉल्वर बैठाता था। इसके लिए उम्मीदवारों से 10 से 12 लाख रुपये लिए जाते थे, जिसमें 1 से 2 लाख रुपये एडवांस के तौर पर मांगे जाते थे। गया के ANM मेडिकल कॉलेज के छात्र अर्पित राज और PMCH के छात्र मयंक कश्यप को इस खेल में मुख्य भूमिका में पाया गया है। हालांकि, NTA ने पेपर लीक के दावों को खारिज करते हुए कहा है कि परीक्षा शांतिपूर्ण रही और भविष्य में इसे कंप्यूटर बेस्ड किया जाएगा।
दूसरी तरफ, भोजपुर जिले के बिलौटी गांव के रहने वाले 28 वर्षीय एक्टिविस्ट भरत भूषण तिवारी की मौत ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। 17 जून 2026 को पुलिस और STF के साथ हुई मुठभेड़ में उनकी मौत हो गई थी। पुलिस का दावा था कि तिवारी ने फायरिंग की थी, लेकिन एक फेसबुक लाइव वीडियो में वह पुलिस के सामने पिस्तौल फेंकते नजर आ रहे हैं, जिससे उनके सरेंडर के बाद हत्या के आरोप लग रहे हैं।
इस मामले में भरत तिवारी की मां की शिकायत पर 23 जून को पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या की FIR दर्ज की गई है। SHO समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। बिहार सरकार ने इस पूरे मामले की जांच के लिए हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज की निगरानी में न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। वहीं, पुलिस ने तिवारी के पिता, भाई और ग्राम प्रधान पर भी हथियार छिपाने का केस दर्ज किया है। भोजपुर में इस घटना को लेकर भारी विरोध हो रहा है और निष्पक्ष जांच के लिए महापंचायत बुलाने की तैयारी है।