Bihar में बाढ़ और सूखे से निपटने का रोडमैप तैयार, उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने बताया 100 दिनों का लेखा-जोखा

Bihar: बिहार की एनडीए सरकार ने अपने शुरुआती 100 दिन पूरे कर लिए हैं। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री और जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी ने राज्य में विकास कार्यों और आपदा प्रबंधन की तैयारियों का ब्योरा दिया। उन्होंने साफ किया कि सर

Bihar: बिहार की एनडीए सरकार ने अपने शुरुआती 100 दिन पूरे कर लिए हैं। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री और जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी ने राज्य में विकास कार्यों और आपदा प्रबंधन की तैयारियों का ब्योरा दिया। उन्होंने साफ किया कि सरकार ने जनता के भरोसे को कायम रखने के लिए काम शुरू कर दिया है और बाढ़ व सूखे जैसी स्थितियों से निपटने के लिए पूरा प्लान तैयार कर लिया है।

उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने बताया कि जल संसाधन विभाग ने इस साल संभावित बाढ़ और कम बारिश दोनों स्थितियों के लिए व्यापक तैयारी की है। उन्होंने कहा कि मानसून के मौसम के लिए बाढ़ नियंत्रण सामग्री का पर्याप्त स्टॉक जमा कर लिया गया है और जिन इलाकों में कटाव का खतरा ज्यादा है, वहां काम चलाया जा रहा है। विभाग के अधिकारियों और इंजीनियरों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं ताकि वे पूरी तरह अलर्ट रहें।

बाढ़ की समस्या पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि नेपाल और झारखंड में होने वाली भारी बारिश की वजह से उत्तर और दक्षिण बिहार में बाढ़ आती है, जिसे पूरी तरह रोकना मुश्किल है, लेकिन सरकार ने बचाव के पुख्ता इंतजाम किए हैं। एक नई योजना के तहत अब बाढ़ के अतिरिक्त पानी को नहरों के जरिए जलाशयों में जमा किया जाएगा, ताकि सूखे के समय किसान इस पानी का इस्तेमाल सिंचाई के लिए कर सकें।

राज्य सरकार को केंद्र से कमला बलान पर बैराज बनाने और सारण तटबंध की मरम्मत जैसी दो बड़ी सिंचाई परियोजनाओं के लिए 1900 करोड़ रुपये की मंजूरी मिल चुकी है। वहीं, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सभी अधिकारियों को 31 मई तक तैयारियों को पूरा करने का निर्देश दिया था। पटना में जलजमाव रोकने के लिए बुडको ने नालियों और सड़कों का निरीक्षण अभियान भी शुरू कर दिया है।

मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, जून और जुलाई में सामान्य से कम बारिश हो सकती है, जबकि अगस्त में सामान्य बारिश की उम्मीद है। सितंबर में फिर से बारिश कम रहने का अनुमान है, खासकर दक्षिण बिहार के इलाकों में।