Bihar के नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास की तैयारी तेज, गृह विभाग ने जिलों से मांगे प्रस्ताव
Bihar: बिहार सरकार ने उन इलाकों की सूरत बदलने की तैयारी शुरू कर दी है जो पहले नक्सल प्रभावित रहे हैं। गृह विभाग ने अब इन जिलों से विकास के लिए विस्तृत प्रस्ताव मांगे हैं ताकि वहां बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाया जा सके।
Bihar: बिहार सरकार ने उन इलाकों की सूरत बदलने की तैयारी शुरू कर दी है जो पहले नक्सल प्रभावित रहे हैं। गृह विभाग ने अब इन जिलों से विकास के लिए विस्तृत प्रस्ताव मांगे हैं ताकि वहां बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाया जा सके। इस पहल का मुख्य उद्देश्य इन क्षेत्रों में शांति बनाए रखना और लोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाना है।
14 जुलाई 2026 को गृह विभाग ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी संबंधित जिलों के डीएम और एसपी के साथ समीक्षा बैठक की। इस मीटिंग में साफ तौर पर कहा गया कि जिन इलाकों में अभी भी सड़क, बिजली, पानी और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी है, उनकी पहचान की जाए। सरकार चाहती है कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, पर्यटन और संचार के क्षेत्र में ठोस योजनाएं तैयार कर भेजी जाएं। औरंगाबाद जिला प्रशासन ने इस निर्देश के बाद प्रस्ताव तैयार करने का काम शुरू कर दिया है।
इससे पहले 17 अप्रैल 2026 को मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने औरंगाबाद, गया, जमुई और लखीसराय जिलों में सुरक्षा और विकास को लेकर एक हाई लेवल मीटिंग की थी। वहीं 22 फरवरी 2026 को उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार को औपचारिक रूप से नक्सल मुक्त घोषित किया था। उस समय उन्होंने एआई आधारित पुलिसिंग और हाई सिक्योरिटी जेल जैसे सुधारों का भी जिक्र किया था।
गृह विभाग के सचिव ने बताया कि सरकार की प्राथमिकता इन इलाकों का संतुलित विकास करना है। उनका मानना है कि जब गांवों में अच्छी सड़कें, स्कूल और अस्पताल पहुंचेंगे, तो स्थानीय लोगों का भरोसा सरकार पर बढ़ेगा और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत के मुताबिक बिहार अब प्रभावी रूप से नक्सल मुक्त है और साल 2020 के बाद से पुलिस पर किसी भी तरह के हिंसक हमले की खबर नहीं आई है।