Bihar: नवादा जिले के गोविंदपुर इलाके में जंगली हाथियों का आतंक बढ़ गया है। यहाँ के माधोपुर गांव में एक जंगली हाथी ने 58 वर्षीय Bachu Ram को पटक-पटक कर मार डाला। इस घटना के बाद से पूरे इलाके के लोगों में काफी डर और गुस्सा
Bihar: नवादा जिले के गोविंदपुर इलाके में जंगली हाथियों का आतंक बढ़ गया है। यहाँ के माधोपुर गांव में एक जंगली हाथी ने 58 वर्षीय Bachu Ram को पटक-पटक कर मार डाला। इस घटना के बाद से पूरे इलाके के लोगों में काफी डर और गुस्सा है। ग्रामीणों का कहना है कि एक महीने के भीतर यह दूसरी मौत है, जिसके कारण वे अब वन विभाग से ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
हाथियों के हमले से अब तक कितना नुकसान हुआ है?
नवादा के इस क्षेत्र में हाथियों का हमला लगातार जारी है। 8 अप्रैल 2026 को Baharadih इलाके में Munna Devi नाम की एक महिला की मौत हुई थी, जो अपनी गेहूं की फसल की रखवाली कर रही थीं। इसके अलावा, मार्च के अंत में Suartoli गांव में Sanoj Bhuiyan नाम के एक व्यक्ति की भी जान गई थी। हाथियों ने कई घरों को तोड़ दिया है और खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है।
वन विभाग ने क्या कदम उठाए हैं और क्या है नियम?
नवादा के Divisional Forest Officer (DFO) Shreshtha Kumar Krishna ने बताया कि विभाग स्थिति पर नजर रख रहा है। हाथियों को वापस झारखंड के घने जंगलों की ओर भेजने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। विभाग ने नियमों के अनुसार मुआवजे का भरोसा दिया है, जिसमें जान गंवाने वालों के परिजनों को पहले 4 लाख रुपये दिए गए थे। केंद्र सरकार की 2023 की गाइडलाइन्स के मुताबिक, इंसानों और वन्यजीवों के बीच टकराव को कम करने के लिए एक समग्र रणनीति पर काम किया जा रहा है।
बिहार में हाथियों की मौजूदगी का क्या कारण है?
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बिहार के जंगलों में स्थायी रूप से हाथी नहीं रहते हैं। अक्सर पड़ोसी राज्यों जैसे झारखंड और पश्चिम बंगाल या नेपाल से हाथी रास्ता भटककर बिहार के इलाकों में आ जाते हैं। हाल ही में गोविंदपुर के Mahavara क्षेत्र में एक गर्भवती हथिनी और उसके बच्चे को देखा गया था, जिन्हें पहले कोडरमा बॉर्डर की तरफ खदेड़ा गया था, लेकिन वे दोबारा वापस लौट आए।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नवादा में हाथी के हमले से अब तक कितनी मौतें हुई हैं?
पिछले कुछ समय में यहाँ कई मौतें हुई हैं, जिनमें 2 मई को Bachu Ram, 8 अप्रैल को Munna Devi और 25 मार्च को Sanoj Bhuiyan शामिल हैं।
वन विभाग पीड़ितों को क्या सहायता दे रहा है?
DFO और रेंज ऑफिसर ने आश्वासन दिया है कि नियमों के तहत जान-माल के नुकसान का मुआवजा दिया जाएगा, जिसमें पहले इंसानी मौत पर 4 लाख रुपये की राशि दी गई थी।