Bihar: नवादा जिले के वारिसलीगंज प्रखंड के चांदीपुर गांव में एक बड़ी खोज हुई है। यहां के श्री ठाकुर राधा रमण लाल जी मंदिर से 18 दुर्लभ पांडुलिपियां मिली हैं। केंद्र सरकार के ‘ज्ञान भारतम मिशन’ के तहत इन प्राची
Bihar: नवादा जिले के वारिसलीगंज प्रखंड के चांदीपुर गांव में एक बड़ी खोज हुई है। यहां के श्री ठाकुर राधा रमण लाल जी मंदिर से 18 दुर्लभ पांडुलिपियां मिली हैं। केंद्र सरकार के ‘ज्ञान भारतम मिशन’ के तहत इन प्राचीन दस्तावेजों को सुरक्षित करने का काम शुरू कर दिया गया है।
इन पांडुलिपियों की खोज कैसे हुई और क्या है खास
उप विकास आयुक्त Neelima Sahu ने शनिवार, 18 अप्रैल 2026 को मंदिर का निरीक्षण किया। इसी दौरान यहां 18 हस्तलिखित और ब्लॉक प्रिंटेड पांडुलिपियां बरामद हुईं। यह मंदिर 1883 ईस्वी में बना था। इन दस्तावेजों को अब आधुनिक तकनीक और Artificial Intelligence (AI) की मदद से डिजिटल रूप में बदला जाएगा ताकि इन्हें राष्ट्रीय डिजिटल रिपॉजिटरी में रखा जा सके।
ज्ञान भारतम मिशन का उद्देश्य और नियम क्या हैं
इस मिशन का मुख्य लक्ष्य देश की पुरानी बौद्धिक और सांस्कृतिक विरासत को बचाना है। प्रशासन ने कुछ जरूरी बातें साफ की हैं:
- पांडुलिपियों का मालिकाना हक संबंधित व्यक्ति या संस्था के पास ही रहेगा।
- जिला प्रशासन केवल वैज्ञानिक तरीके से इनका डिजिटलीकरण करेगा।
- सभी मिली पांडुलिपियों को ‘ज्ञान भारतम’ ऐप पर रजिस्टर कर लिया गया है।
- आम लोगों से अपील की गई है कि अगर उनके पास ऐसी कोई पांडुलिपि है, तो उसकी जानकारी प्रशासन को दें।
डिजिटलीकरण से आम लोगों और शोधकर्ताओं को क्या फायदा होगा
डिजिटल फॉर्म में आने के बाद ये दस्तावेज शोधकर्ताओं और आम जनता के लिए आसानी से उपलब्ध होंगे। इससे आने वाली पीढ़ियों को प्राचीन ज्ञान और संस्कृति को समझने में मदद मिलेगी। प्रशासन का मानना है कि यह कदम सांस्कृतिक धरोहर को सुरक्षित रखने की दिशा में बहुत महत्वपूर्ण है।