Bihar की बेटी बनीं डॉक्टर, पिता को इलाज न मिलने पर हुई थी मौत, अब गांव की महिलाओं का कर रही हैं इलाज

Bihar/Nawada: नवादा जिले के बजरा गांव की रहने वाली परिणीता भारती ने अपनी जिंदगी के सबसे बड़े दुख को अपनी ताकत बना लिया। बचपन में इलाज की कमी की वजह से उन्होंने अपने पिता को खो दिया था, जिसके बाद उन्होंने ठान लिया कि वह ड

Bihar/Nawada: नवादा जिले के बजरा गांव की रहने वाली परिणीता भारती ने अपनी जिंदगी के सबसे बड़े दुख को अपनी ताकत बना लिया। बचपन में इलाज की कमी की वजह से उन्होंने अपने पिता को खो दिया था, जिसके बाद उन्होंने ठान लिया कि वह डॉक्टर बनेंगी ताकि किसी और के साथ ऐसा न हो। आज वह न केवल एक सफल डॉक्टर हैं, बल्कि अपने इलाके के लोगों के लिए उम्मीद की किरण बन गई हैं।

डॉ. परिणीता भारती ने मुंबई के मशहूर टोपिवाला नेशनल मेडिकल कॉलेज और बीवाईएल नायर हॉस्पिटल से अपनी MD की डिग्री ली। गांव के लोग और महिलाएं उन्हें प्यार से ‘डॉ दीदी’ बुलाते हैं। वह सरकारी डॉक्टर के तौर पर अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद अपने खाली समय में गांवों और झुग्गी-झोपड़ियों में जाकर लोगों की सेवा करती हैं।

डॉ. परिणीता ने महिलाओं की सेहत को अपना मुख्य लक्ष्य बनाया है। वह महिलाओं को माहवारी, स्तनपान, एनीमिया और पोषण के बारे में जागरूक करती हैं। अब तक उन्होंने 51 मुफ्त मेडिकल कैंप लगाए हैं, जिनमें हजारों गरीब महिलाओं की जांच की गई और उन्हें मुफ्त दवाइयां और परामर्श दिया गया। वह मुख्य रूप से हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और एनीमिया जैसी बीमारियों की जल्द पहचान और बचाव पर जोर देती हैं।

यह पूरी कहानी नेशनल डॉक्टर्स डे के मौके पर सामने आई, जो बताती है कि कैसे एक व्यक्तिगत क्षति ने डॉ. परिणीता को समाज सेवा के रास्ते पर ला खड़ा किया।