Bihar: राज्य में 9 मई, 2026 को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में ट्रैफिक चालानों का रिकॉर्ड-तोड़ निपटारा किया गया। इस मुहिम में पटना जिला पूरे बिहार में सबसे आगे रहा, जहां 10,119 चालानों का निपटारा कर 58 लाख रुपये से ज्यादा
Bihar: राज्य में 9 मई, 2026 को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में ट्रैफिक चालानों का रिकॉर्ड-तोड़ निपटारा किया गया। इस मुहिम में पटना जिला पूरे बिहार में सबसे आगे रहा, जहां 10,119 चालानों का निपटारा कर 58 लाख रुपये से ज्यादा की वसूली की गई। इस पहल का मुख्य मकसद लंबे समय से लंबित मामलों को जल्दी खत्म करना था ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
किन्हें मिली छूट और कौन से मामले शामिल नहीं थे?
सरकार ने 30 अप्रैल, 2026 को ‘एकमुश्त यातायात चालान निपटान योजना-2026’ की अधिसूचना जारी की थी। इसके तहत 90 दिनों से ज्यादा पुराने लंबित चालानों पर 50% तक की छूट दी गई। इसमें हेलमेट न पहनने, तेज रफ्तार, सीट बेल्ट न लगाने और बिना लाइसेंस के गाड़ी चलाने जैसे छोटे उल्लंघनों को शामिल किया गया था। हालांकि, शराब पीकर गाड़ी चलाने, मोबाइल का इस्तेमाल करने, ओवरलोडिंग और नाबालिग द्वारा ड्राइविंग जैसे गंभीर मामलों को इस योजना से बाहर रखा गया था।
पटना में कैसे हुई व्यवस्था और क्या रहे नियम?
पटना के ज्ञान भवन में इस आयोजन के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे, जहां 25 जजों की बेंच बनाई गई थी। पटना उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार चालान का भुगतान केवल ऑनलाइन लिया गया और नकद लेनदेन पर रोक रही। बिचौलियों को दूर रखने के लिए सख्त निर्देश दिए गए थे और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे और पुलिस बल तैनात किया गया था। परिवहन विभाग ने वाहन मालिकों को मोबाइल मैसेज के जरिए तारीख और घटी हुई राशि की जानकारी दी थी।
अधिकारियों ने क्या कहा और आगे की योजना क्या है?
एडीजी (ट्रैफिक) सुधांशु कुमार ने बताया कि सरकार का मकसद जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है। परिवहन सचिव राज कुमार ने कहा कि यह योजना नागरिकों को राहत देने के लिए लाई गई है। यह ऐसी लोक अदालतों की पहली कड़ी थी और मार्च 2027 तक समय-समय पर ऐसी अदालतों का आयोजन जारी रहेगा। इसके अलावा, दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को एमवीआई जांच के बाद 24 घंटे में छोड़ने का नियम भी लागू किया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
एकमुश्त यातायात चालान निपटान योजना-2026 में कितनी छूट मिली?
इस योजना के तहत 90 दिनों से अधिक पुराने लंबित छोटे यातायात चालानों पर 50% तक की छूट दी गई थी।
किन गंभीर ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर छूट नहीं मिली?
शराब पीकर गाड़ी चलाना, मोबाइल पर बात करते हुए ड्राइविंग, ओवरलोडिंग, नाबालिग द्वारा ड्राइविंग और खतरनाक ड्राइविंग जैसे मामलों को इस योजना में शामिल नहीं किया गया था।