Bihar में भाई की डांट से नाराज होकर घर निकली छात्रा, 85 दिनों तक तस्करों ने रखा कैद, अब हुई रेस्क्यू
Bihar/Muzaffarpur : मुजफ्फरपुर के गायघाट इलाके की एक 12वीं की छात्रा भाई की डांट से नाराज होकर घर से निकली थी, जिसे मानव तस्करों ने अपना शिकार बना लिया। एक अनजान युवक ने उसे नौकरी का लालच देकर फंसाया और करीब 85 से 87 दिन
Bihar/Muzaffarpur : मुजफ्फरपुर के गायघाट इलाके की एक 12वीं की छात्रा भाई की डांट से नाराज होकर घर से निकली थी, जिसे मानव तस्करों ने अपना शिकार बना लिया। एक अनजान युवक ने उसे नौकरी का लालच देकर फंसाया और करीब 85 से 87 दिनों तक उसे कैद रखा। पुलिस ने एक बड़े ऑपरेशन के जरिए छात्रा को भागलपुर के रेड लाइट एरिया से छुड़ाया है।
छात्रा 10 मई 2026 को घर से निकली थी, जिसके बाद 12 मई को उसके भाई ने अपहरण की FIR दर्ज कराई थी। तस्कर उसे पहले कोलकाता के रेड लाइट एरिया में ले गए और फिर वहां से उसे भागलपुर के इशीपुर बराहट थाना क्षेत्र के सिवानपुर स्थित रेड लाइट एरिया में बेच दिया गया। पुलिस के मुताबिक, तस्कर उसे तीसरी बार बेचने की फिराक में थे, तभी मुजफ्फरपुर पुलिस, SIT और एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए उसे बरामद कर लिया।
इस रेस्क्यू ऑपरेशन को 52 मिनट का मिशन बताया गया है, जिसमें 35 मिनट तक रेकी की गई थी। इसी दौरान पुलिस ने नालंदा जिले की एक अन्य अपहृत किशोरी को भी मुक्त कराया है। पीड़ित छात्रा ने पुलिस को बताया कि उसे बेचने के बाद उसके साथ मारपीट की गई, कई दिनों तक भूखा रखा गया और नशीले पदार्थ देकर उसका यौन शोषण किया गया। छात्रा ने अब अपनी बड़ी बहन के साथ रहने की इच्छा जताई है।
SDPO पूर्वी अलय वत्स ने बताया कि पुलिस अब इस पूरे अंतरराज्यीय मानव तस्करी नेटवर्क की जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है। मुजफ्फरपुर में महिलाओं और बच्चों की तस्करी रोकने के लिए AHTU यूनिट बनाई गई है और ‘ऑपरेशन कवच’ के तहत जल्द ही इसका अपना थाना भी खोला जाएगा। फिलहाल मुक्त कराई गई लड़कियों की काउंसलिंग और कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।