Bihar: मुजफ्फरपुर के प्रसाद अस्पताल में गुरुवार तड़के एक बड़ा हादसा हो गया। अस्पताल के ICU वार्ड में भीषण आग लगने से कई मरीजों की जान चली गई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। दिल्ली में हुए हालिया अग्निकांड के बाद बिहा
Bihar: मुजफ्फरपुर के प्रसाद अस्पताल में गुरुवार तड़के एक बड़ा हादसा हो गया। अस्पताल के ICU वार्ड में भीषण आग लगने से कई मरीजों की जान चली गई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। दिल्ली में हुए हालिया अग्निकांड के बाद बिहार की इस घटना ने लोगों को डरा दिया है।
कैसे लगी आग और क्या है अब तक की स्थिति
यह हादसा 4 जून 2026 की सुबह करीब 3:00 बजे हुआ। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, अस्पताल की पांचवीं मंजिल या ICU में शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी। अग्निशमन विभाग को इसकी सूचना सुबह 3:55 बजे मिली, जिसके बाद 6 से 12 दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। फायर ऑफिसर रामनिवास पांडे ने बताया कि आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और तकनीकी जांच की जा रही है।
कितने लोग प्रभावित हुए और क्या हैं आरोप
इस हादसे में मरने वालों की संख्या को लेकर अलग-अलग खबरें हैं। कुछ रिपोर्टों में 3 मौतें बताई गई हैं, तो कुछ में यह संख्या 10 से 20 तक बताई जा रही है। धुएं की वजह से ICU में भर्ती मरीजों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। बचाव दल ने करीब 20 से 25 मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें दूसरे सरकारी और निजी अस्पतालों में भेजा। इस बीच, मरीजों के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि आग लगते ही अस्पताल के कर्मचारी मरीजों को बीच में छोड़कर भाग गए।
प्रशासन ने क्या कदम उठाए
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) खुद मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य का निरीक्षण किया। प्रशासन ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं ताकि यह पता चल सके कि अस्पताल में सुरक्षा इंतजाम सही थे या नहीं और कर्मचारियों की लापरवाही कितनी थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुजफ्फरपुर के प्रसाद अस्पताल में आग लगने का मुख्य कारण क्या था
प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, जो संभवतः अस्पताल की पांचवीं मंजिल या ICU वार्ड में हुआ था। फिलहाल इसकी विस्तृत तकनीकी जांच जारी है।
हादसे के बाद प्रशासन ने क्या कार्रवाई की है
जिलाधिकारी और SSP ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन ने घटना की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं ताकि दोषियों की पहचान हो सके।