Bihar: मुजफ्फरपुर के करजा थाना क्षेत्र में उत्पाद विभाग ने एक बड़े शराब सिंडिकेट को पकड़ा है। तस्करों ने पुलिस से बचने के लिए बहुत ही अजीब तरीका अपनाया था, जिसमें वे 1 रुपये के नोट और तेजपत्ता पर कोड लिखकर स्पिरिट की सप्
Bihar: मुजफ्फरपुर के करजा थाना क्षेत्र में उत्पाद विभाग ने एक बड़े शराब सिंडिकेट को पकड़ा है। तस्करों ने पुलिस से बचने के लिए बहुत ही अजीब तरीका अपनाया था, जिसमें वे 1 रुपये के नोट और तेजपत्ता पर कोड लिखकर स्पिरिट की सप्लाई करते थे। विभाग ने मोहम्मदपुर खाजे गांव में छापेमारी कर एक नकली शराब फैक्ट्री का खुलासा किया है।
मुर्गा फार्म की आड़ में चल रही थी फैक्ट्री
यह पूरा खेल एक मुर्गा फार्म के अंदर चल रहा था ताकि किसी को शक न हो। छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने वहां से 330 लीटर स्पिरिट बरामद की। इसके साथ ही भारी मात्रा में ऐसी सामग्री मिली जिसका इस्तेमाल नकली विदेशी शराब बनाने के लिए किया जा रहा था। इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश तब हुआ जब पुलिस ने एक ऑटो ड्राइवर को गिरफ्तार किया और उससे पूछताछ की।
एक तस्कर गिरफ्तार, मुख्य आरोपी अब भी फरार
उत्पाद विभाग की इस कार्रवाई में एक तस्कर को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन गिरोह का मुख्य आरोपी और उसके कुछ साथी मौके से भागने में सफल रहे। पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश कर रही है। बिहार में 2016 से शराबबंदी लागू है, इसलिए अवैध शराब बनाना, बेचना या रखना एक गंभीर अपराध है। इसमें जेल की सजा, जुर्माना या संपत्ति कुर्की जैसी कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है।
नकली शराब से सेहत को कितना खतरा
नकली शराब में मिथाइल अल्कोहल की मात्रा बहुत ज्यादा होती है, जो इंसान के शरीर के लिए जहर जैसा है। इसे पीने से शरीर के अंदरूनी अंग खराब हो सकते हैं। ऐसी शराब के सेवन से इंसान अंधा भी हो सकता है और कई मामलों में इसकी वजह से मौत तक हो जाती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुजफ्फरपुर में शराब तस्कर कोड के लिए किसका इस्तेमाल कर रहे थे
तस्कर स्पिरिट की सप्लाई और आपसी बातचीत के लिए 1 रुपये के नोट और तेजपत्ता पर गुप्त कोड लिखकर इस्तेमाल कर रहे थे।
छापेमारी के दौरान कितनी स्पिरिट बरामद हुई
उत्पाद विभाग ने मुजफ्फरपुर के मोहम्मदपुर खाजे गांव में छापेमारी कर कुल 330 लीटर स्पिरिट और नकली शराब बनाने का सामान जब्त किया।