Bihar : पटना के Bihar Museum की सोविनियर शॉप ने बिक्री के मामले में देशभर में पहला स्थान हासिल किया है। इस दुकान ने पिछले एक साल में 1 करोड़ 71 लाख रुपये का बिजनेस किया है। यह आंकड़ा पिछले साल की 1 करोड़ 34 लाख रुपये की
Bihar : पटना के Bihar Museum की सोविनियर शॉप ने बिक्री के मामले में देशभर में पहला स्थान हासिल किया है। इस दुकान ने पिछले एक साल में 1 करोड़ 71 लाख रुपये का बिजनेस किया है। यह आंकड़ा पिछले साल की 1 करोड़ 34 लाख रुपये की कमाई से काफी ज्यादा है। यहाँ बिहार की पुरानी कला को नए अंदाज में बेचा जा रहा है जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों में काफी क्रेज है।
दुकान में क्या-क्या मिलता है और कौन बना रहा है सामान
इस दुकान में बिहार की पारंपरिक कलाओं को आधुनिक रूप में पेश किया गया है। यहाँ मधुबनी पेंटिंग, सिक्की कला और हैंडलूम साड़ियों के साथ-साथ की-रिंग, पेन, डायरी और लैपटॉप बैग जैसे सामान मिलते हैं। खास बात यह है कि इसमें पटना के 50 और अन्य जिलों के 150 कलाकार जुड़े हैं। साथ ही जेल के कैदियों द्वारा बनाए गए उत्पादों को भी यहाँ जगह दी गई है।
कारीगरों को कैसे मिल रहा है फायदा
Bihar Museum के अपर निदेशक Ashok Kumar Sinha ने बताया कि यह दुकान सिर्फ पैसा नहीं कमा रही, बल्कि स्थानीय कारीगरों को आर्थिक रूप से मजबूत भी बना रही है। भविष्य में बिहार की संस्कृति को दुनिया भर में पहचान दिलाने के लिए और नए उत्पाद जोड़े जाएंगे। यहाँ भागलपुरी सिल्क, खादी कॉटन के कपड़े और हाथ से बनी बावन बूटी साड़ियां भी उपलब्ध हैं।
म्यूजियम से जुड़ी अन्य जरूरी जानकारियां
| विवरण |
जानकारी |
| समय |
सुबह 10 से शाम 7 बजे (सोमवार बंद) |
| प्रमुख अधिकारी |
Anjani Kumar Singh (महानिदेशक) |
| आगामी इवेंट |
Bihar Museum Biennale 2025 (7 अगस्त से 31 दिसंबर) |
| थीम |
ग्लोबल साउथ: शेयरिंग हिस्ट्रीज़ |
| हालिया प्रदर्शनी |
हिडन ट्रेजर्स ऑफ टिकुली आर्ट (5 अप्रैल 2026) |