Bihar में नगर निकाय कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू, पटना और भागलपुर समेत कई शहरों में सफाई व्यवस्था ठप
Bihar: बिहार के नगर निगम और निकाय कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। 30 जुलाई 2026 से शुरू हुए इस आंदोलन के कारण पटना, भागलपुर, मुंगेर और मोतिहारी जैसे बड़े शहरों में
Bihar: बिहार के नगर निगम और निकाय कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। 30 जुलाई 2026 से शुरू हुए इस आंदोलन के कारण पटना, भागलपुर, मुंगेर और मोतिहारी जैसे बड़े शहरों में सफाई और प्रशासनिक कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो गया है। कर्मचारी बिहार लोकल बॉडीज इम्प्लाइज फेडरेशन और संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले एकजुट होकर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
कर्मचारी नेताओं का कहना है कि उन्होंने हड़ताल की लिखित सूचना नगर विकास विभाग को पहले ही दे दी थी। नगर विकास एवं आवास मंत्री और विभाग के सचिव के साथ बातचीत हुई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। कर्मचारियों का आरोप है कि पिछली बार सरकार ने उनकी मांगें पूरी करने का वादा किया था, लेकिन वे वादे कागजों तक ही सीमित रहे। अब कर्मचारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें लिखित रूप में पूरी नहीं होतीं, वे काम पर नहीं लौटेंगे।
इस हड़ताल का सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है। पटना और मुंगेर में कचरे के ढेर लग गए हैं और कई इलाकों में कचरा उठाव का काम बंद है। मोतिहारी के रक्सौल में नगर परिषद के कार्यालयों और जन सुविधा केंद्रों में ताले लटके हुए हैं। भागलपुर में भी नगर सेवाओं पर असर पड़ा है और हड़ताल की वजह से नगर निगम की प्रस्तावित सामान्य बोर्ड बैठक को स्थगित करना पड़ा है। हालांकि, भागलपुर के कुछ वार्डों में अस्थायी कर्मियों ने काम जारी रखा है, जिससे वहां सेवाएं पूरी तरह बंद नहीं हुईं।
कर्मचारियों की मुख्य मांगों की सूची नीचे दी गई है:
| मुख्य मांगें |
|---|
| संविदा और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित करना |
| सातवें वेतनमान को लागू करना |
| वेतन विसंगतियों को दूर करना |
| एसीपी और एमएसीपी का समय पर लाभ देना |
| आउटसोर्सिंग व्यवस्था खत्म कर कर्मियों को समायोजित करना |
| मृत कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति देना |
| पेंशन व्यवस्था लागू करना और लंबित मानदेय का भुगतान |
संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने स्पष्ट किया है कि इस हड़ताल की वजह से जनता को होने वाली किसी भी असुविधा की पूरी जिम्मेदारी बिहार सरकार की होगी। फिलहाल नगर निगम प्रशासन कर्मचारियों को समझाने और बातचीत के जरिए मामला सुलझाने की कोशिश कर रहा है।