Bihar में बनेगा एक और मरीन ड्राइव, मुंगेर से सबौर तक 82.80 KM का गंगा पथ; एजेंसी चयन की प्रक्रिया शुरू
Bihar: बिहार के लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। राज्य में अब एक और मरीन ड्राइव बनने जा रहा है, जो मुंगेर के सफियाबाद को सबौर से जोड़ेगा। लगभग 82.80 किलोमीटर लंबा यह गंगा पथ पूर्वी बिहार की कनेक्टिविटी को पूरी तरह बदल दे
Bihar: बिहार के लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। राज्य में अब एक और मरीन ड्राइव बनने जा रहा है, जो मुंगेर के सफियाबाद को सबौर से जोड़ेगा। लगभग 82.80 किलोमीटर लंबा यह गंगा पथ पूर्वी बिहार की कनेक्टिविटी को पूरी तरह बदल देगा। सरकार ने इसके लिए जरूरी एनवायरमेंट क्लीयरेंस लेने वाली एजेंसी को चुनने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BSRDCL) ने इसके लिए NABET से मान्यता प्राप्त एजेंसियों से प्रस्ताव मांगे हैं। इच्छुक एजेंसियां 9 जुलाई 2026 तक ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल के जरिए अपने आवेदन जमा कर सकती हैं। यह प्रोजेक्ट न केवल सफर के समय को कम करेगा, बल्कि इलाके में व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा देगा।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रोड कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट (RCD) को इस फोर-लेन कॉरिडोर पर जल्द काम शुरू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ किया है कि फंड की कोई कमी नहीं होगी और काम की क्वालिटी और समय सीमा का पूरा ध्यान रखा जाएगा। इससे पहले रोड मिनिस्टर नितिन नवीन ने बताया था कि टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जल्द ही इसका शिलान्यास करेंगे।
इस प्रोजेक्ट की खास बातें नीचे दी गई हैं:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल लंबाई | 82.80 किलोमीटर |
| रूट | मुंगेर (सफियाबाद) से सबौर (बड़रीपुर, घोरघाट, सुल्तानगंज और भागलपुर होते हुए) |
| अनुमानित लागत | लगभग 9,969.63 करोड़ रुपये |
| फंडिंग मॉडल | Hybrid Annuity Model (HAM) या PPP (40% सरकार, 60% प्राइवेट निवेशक) |
| निर्माण समय | 4 साल (निर्माण) और 15 साल (रखरखाव) |
| मुख्य लाभ | ट्रैफिक जाम से राहत, रिंग रोड की सुविधा और पर्यटन विकास |
इस प्रोजेक्ट को दो हिस्सों में बांटा गया है। पहले फेज में मुंगेर से सुल्तानगंज तक करीब 42 किलोमीटर सड़क बनेगी, जबकि दूसरे फेज में सुल्तानगंज से सबौर तक लगभग 41 किलोमीटर का काम होगा। यह सड़क गंगा नदी के किनारे-किनारे चलेगी और कुछ हिस्सों में एलिवेटेड होगी, जिससे भागलपुर और मुंगेर जैसे शहरों में ट्रैफिक का दबाव कम होगा।