Bihar: मुंगेर और भागलपुर के बीच गंगा नदी के किनारे राज्य का सबसे खूबसूरत मरीन ड्राइव बनने जा रहा है। इस प्रोजेक्ट से न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि पूरे इलाके की तस्वीर बदल जाएगी। करीब 83 किलोमीटर लंबी इस सड़क से पर
Bihar: मुंगेर और भागलपुर के बीच गंगा नदी के किनारे राज्य का सबसे खूबसूरत मरीन ड्राइव बनने जा रहा है। इस प्रोजेक्ट से न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि पूरे इलाके की तस्वीर बदल जाएगी। करीब 83 किलोमीटर लंबी इस सड़क से पर्यटन बढ़ेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए मौके खुलेंगे।
मरीन ड्राइव प्रोजेक्ट की खास बातें क्या हैं
यह मरीन ड्राइव चार लेन की सड़क होगी, जिसे कुछ हिस्सों में एलिवेटेड यानी जमीन से ऊपर बनाया जाएगा ताकि बाढ़ के समय भी रास्ता बंद न हो। इसमें आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम, LED लाइट और पैदल चलने वालों के लिए वॉकिंग पाथ बनाया जाएगा। साथ ही, नदी किनारे कैफे, रेस्टोरेंट और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स जैसे कमर्शियल जोन भी विकसित किए जाएंगे। प्रोजेक्ट के तहत 16 घाटों का नवीनीकरण कर वहां आराम करने की जगह बनाई जाएगी।
प्रोजेक्ट की लागत और निर्माण का अपडेट
बिहार सरकार ने इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए भारी निवेश किया है। मुंगेर के सफियाबाद से सुल्तानगंज तक के 42 किलोमीटर लंबे हिस्से की अनुमानित लागत 5,129.80 करोड़ रुपये है। कुल प्रोजेक्ट की लागत रिपोर्ट के अनुसार 8,300 करोड़ से 9,998 करोड़ रुपये के बीच हो सकती है। इस काम का ठेका Adani Enterprises Limited को मिला है, जो निर्माण के साथ-साथ 15 साल तक इसकी देखरेख भी करेगी।
कब तक पूरा होगा यह काम
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को इस काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। अप्रैल 2026 में इसका निर्माण कार्य आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया था और मई 2026 तक इंजीनियर मिट्टी की जांच और पिलर का काम कर रहे थे। सरकार का लक्ष्य है कि अगले चार साल के भीतर इस पूरे प्रोजेक्ट को पूरा कर लिया जाए। इससे मुंगेर और भागलपुर के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी और ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुंगेर-भागलपुर मरीन ड्राइव की कुल लंबाई कितनी है
इस प्रोजेक्ट की कुल लंबाई अलग-अलग रिपोर्ट में 75 से 90 किलोमीटर के बीच बताई गई है। इसमें सफियाबाद से सुल्तानगंज तक 42 किलोमीटर और सुल्तानगंज से सबौर तक करीब 40.8 किलोमीटर का स्ट्रेच शामिल है।
इस प्रोजेक्ट से आम लोगों को क्या फायदा होगा
इस सड़क से यात्रा का समय कम होगा और ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलेगी। साथ ही, रिवरफ्रंट डेवलपमेंट से पर्यटन बढ़ेगा जिससे स्थानीय व्यापारियों और युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।