Bihar: मुंगेर, सुल्तानगंज और भागलपुर को जोड़ने वाले गंगा पथ यानी मरीन ड्राइव प्रोजेक्ट की तैयारी तेज हो गई है। शनिवार को पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल और मुंगेर के जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पनिकर समेत कई बड़े
Bihar: मुंगेर, सुल्तानगंज और भागलपुर को जोड़ने वाले गंगा पथ यानी मरीन ड्राइव प्रोजेक्ट की तैयारी तेज हो गई है। शनिवार को पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल और मुंगेर के जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पनिकर समेत कई बड़े अधिकारियों ने इस पूरे रूट का हवाई सर्वेक्षण किया। इस प्रोजेक्ट का मकसद इलाके में कनेक्टिविटी बढ़ाना और सफर को आसान बनाना है।
मरीन ड्राइव प्रोजेक्ट की मुख्य बातें क्या हैं?
यह पूरी परियोजना करीब 80.02 किलोमीटर लंबी होगी, जिसे दो अलग-अलग हिस्सों में पूरा किया जाएगा। इस पूरे काम पर लगभग 9998 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
| फेज |
रूट |
लंबाई |
अनुमानित लागत |
| फेज 1 |
मुंगेर के हेरूदियारा से सुल्तानगंज के अजगैबीनाथ मंदिर |
42 किमी |
₹5119 करोड़ |
| फेज 2 |
सुल्तानगंज से भागलपुर के सबौर तक |
48.08 किमी |
₹4849 करोड़ |
सड़क बनाने में क्या खास बदलाव किए जाएंगे?
हवाई सर्वेक्षण के दौरान अधिकारियों ने देखा कि कुछ इलाके बहुत घने बसे हुए हैं। वहां जमीन अधिग्रहण में दिक्कत आ सकती है, इसलिए उन जगहों पर एलिवेटेड रोड यानी जमीन से ऊपर सड़क बनाने पर चर्चा हुई। साथ ही, मंदिर, मस्जिद, घाट और अस्पतालों जैसी महत्वपूर्ण जगहों को बचाने के लिए सड़क के रास्ते (Alignment) में बदलाव किया गया है ताकि किसी धार्मिक या सरकारी संपत्ति को नुकसान न हो।
निर्माण कार्य कैसे होगा और कौन करेगा?
इस प्रोजेक्ट को Hybrid Annuity Model (HAM) के तहत बनाया जाएगा। इसमें निर्माण एजेंसी 60% खर्च उठाएगी और राज्य सरकार 40% हिस्सा देगी। रिपोर्ट के मुताबिक, Adani Enterprises Limited इसे बनाने के लिए जिम्मेदार होगी, जिसे काम पूरा करने के लिए चार साल का समय मिलेगा और अगले 15 साल तक रखरखाव की जिम्मेदारी भी उनकी होगी। हाल ही में 7 अप्रैल 2026 से इस प्रोजेक्ट की मिट्टी की जांच (Soil Testing) का काम भी शुरू हो चुका है।