Bihar: मुंगेर में BPSC द्वारा आयोजित सहायक शिक्षा विकास अधिकारी (ADEO) की परीक्षा में एक बड़ा घोटाला सामने आया है. इस गिरोह ने अभ्यर्थियों से परीक्षा पास कराने के बदले 15 से 20 लाख रुपये तक की मोटी रकम वसूली थी. पुलिस ने
Bihar: मुंगेर में BPSC द्वारा आयोजित सहायक शिक्षा विकास अधिकारी (ADEO) की परीक्षा में एक बड़ा घोटाला सामने आया है. इस गिरोह ने अभ्यर्थियों से परीक्षा पास कराने के बदले 15 से 20 लाख रुपये तक की मोटी रकम वसूली थी. पुलिस ने इस मामले में मास्टरमाइंड और कई उम्मीदवारों सहित कुल 22 लोगों को गिरफ्तार किया है.
कैसे किया गया परीक्षा में फर्जीवाड़ा
इस गिरोह का तरीका काफी शातिर था. मास्टरमाइंड सुजल कुमार बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान टैब से प्रश्नपत्रों की फोटो खींचकर अपने साथियों को भेजता था. पकड़े गए लाइनरों के पास से इलेक्ट्रॉनिक चिप मिले हैं, जिनमें पेपर और उनके हल किए गए उत्तर थे. पुलिस को सुजल के मोबाइल से एक व्हाट्सएप ग्रुप मिला है, जिसमें बिहार के अलग-अलग जिलों के सैकड़ों एडमिट कार्ड हैं, जिससे पता चलता है कि यह नेटवर्क काफी बड़ा था.
कौन-कौन हुए गिरफ्तार और क्या हुई कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए निम्नलिखित लोगों को पकड़ा है:
| भूमिका |
विवरण/नाम |
| मास्टरमाइंड |
सुजल कुमार (गिरफ्तार), ए.के. राठौर (फरार) |
| लाइनर (मुन्ना भाई) |
समीर कुमार, प्रशांत कुमार और प्रियांशु कुमार |
| उम्मीदवार |
कुल 18 आवेदक गिरफ्तार |
| प्रशासनिक कार्रवाई |
केंद्राधीक्षक अर्चना कुमारी निलंबित |
उपेंद्र ट्रेनिंग एकेडमी की केंद्राधीक्षक अर्चना कुमारी को लापरवाही के कारण सस्पेंड कर दिया गया है, क्योंकि उनके सेंटर पर बायोमेट्रिक कर्मचारी मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे थे.
नियम और सजा का क्या है प्रावधान
BPSC ने परीक्षा से पहले ही उम्मीदवारों को फर्जी दावों से बचने और किसी भी तरह के पैसों के लेनदेन न करने की चेतावनी दी थी. जुलाई 2024 में पारित बिहार सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के तहत दोषियों को 5 साल तक की जेल और 10 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है. साथ ही, पेपर खरीदने वाले उम्मीदवारों को अयोग्य घोषित किया जा सकता है और सेवा प्रदाताओं पर 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.