Bihar: राज्य सरकार अब हर गांव और छोटी बसावट को मुख्य सड़कों से जोड़ने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री ग्रामीण संपर्क योजना के जरिए उन इलाकों तक पक्की सड़कें पहुंचाई जा रही हैं, जहां अब तक पहुंचना मुश्किल था। इस पहल से गांव
Bihar: राज्य सरकार अब हर गांव और छोटी बसावट को मुख्य सड़कों से जोड़ने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री ग्रामीण संपर्क योजना के जरिए उन इलाकों तक पक्की सड़कें पहुंचाई जा रही हैं, जहां अब तक पहुंचना मुश्किल था। इस पहल से गांव के लोगों को अस्पताल जाने, बच्चों की पढ़ाई और खेती के सामान को बाजार तक ले जाने में काफी आसानी होगी।
सड़कों के निर्माण का क्या है लक्ष्य और अब तक कितनी प्रोग्रेस हुई
योजना के तहत शुरू में 8,034 किलोमीटर सड़कों का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें से 2,485 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है। ग्रामीण कार्य विभाग इस पूरे प्रोजेक्ट को संभाल रहा है। मुजफ्फरपुर जिले में 1,645 पक्की सड़कों (2,374 किमी) का काम पूरा हो गया है, वहीं सीमांचल के अररिया, पूर्णिया, कटिहार और किशनगंज में 6,350 किलोमीटर सड़क बन चुकी है। अररिया जिला 2,155 किलोमीटर निर्माण के साथ सबसे आगे है।
आगे की क्या योजना है और कौन से नियम लागू होंगे
सरकार ने तय किया है कि 2026 तक उन सभी 13,814 इलाकों को जोड़ा जाएगा जहां 100 या उससे ज्यादा आबादी है। इसके लिए करीब 16,652 किलोमीटर नई सड़कों का प्रस्ताव है। इसके अलावा ‘ग्रामीण टोला संपर्क निश्चय योजना’ के तहत 2026-27 तक 4,643 छोटे टोलों को सड़क से जोड़ा जाएगा। सड़कों के रखरखाव के लिए ‘बिहार ग्रामीण पथ अनुरक्षण नीति – 2013’ लागू है, जिसके तहत सड़कों को दो श्रेणियों में बांटा गया है ताकि उनकी मरम्मत समय पर हो सके।
आम लोगों और महिलाओं पर क्या असर पड़ेगा
पक्की सड़कों के बनने से ग्रामीण जीवन में बड़ा बदलाव आया है। अब स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा तक पहुंच आसान हुई है। खास तौर पर महिलाओं के लिए यह फायदेमंद रहा है, क्योंकि अब वे अपने हाथ से बने सामान और हस्तशिल्प उत्पादों को सीधे बाजार तक ले जा पा रही हैं। इससे उनकी कमाई बढ़ी है और वे आत्मनिर्भर बन रही हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी काम समय सीमा के अंदर पूरे किए जाएं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुख्यमंत्री ग्रामीण संपर्क योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य बिहार के हर गांव और 100 से अधिक आबादी वाली बसावटों को बारहमासी पक्की सड़कों से जोड़कर उन्हें विकास की मुख्य धारा से लाना है।
ग्रामीण सड़कों के रखरखाव के लिए कौन सी नीति लागू है?
इसके लिए ‘बिहार ग्रामीण पथ अनुरक्षण नीति – 2013’ लागू है, जिसमें सड़कों को श्रेणी-1 और श्रेणी-2 में बांटकर उनके रखरखाव का प्रबंध किया गया है।