Bihar में ‘विकसित बिहार 2047’ के लिए मुख्यमंत्री फेलोज़ का चयन, 1.50 लाख तक मिलेगा मासिक मानदेय
Bihar: बिहार सरकार ने राज्य को साल 2047 तक विकसित बनाने के लक्ष्य की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। इसके लिए मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना के तहत चुने गए युवाओं के लिए पटना के अधिवेशन भवन में एक भव्य ओरिएंटेशन प्रोग्राम आयोज
Bihar: बिहार सरकार ने राज्य को साल 2047 तक विकसित बनाने के लक्ष्य की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। इसके लिए मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना के तहत चुने गए युवाओं के लिए पटना के अधिवेशन भवन में एक भव्य ओरिएंटेशन प्रोग्राम आयोजित किया गया। इस पहल का मकसद राज्य के प्रशासनिक कामकाज में सुधार लाना और युवाओं की नई सोच को सरकारी नीतियों से जोड़ना है।
इस कार्यक्रम का आयोजन सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी (BPSMS) द्वारा किया गया, जिसमें IIM बोधगया ने मुख्य भागीदार की भूमिका निभाई है। राज्य सरकार ने इस योजना को 9 सितंबर 2025 को मंजूरी दी थी। अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्दर ने बताया कि यह फेलोशिप ‘विकसित बिहार 2047’ की नींव है और इसमें युवाओं का योगदान बहुत महत्वपूर्ण होगा।
विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने फेलोज़ को सलाह दी कि वे डेटा के आधार पर बदलाव लाएं और राष्ट्र सेवा की भावना से काम करें। उन्होंने भारत और बिहार के आर्थिक सर्वेक्षण जैसे दस्तावेजों को पढ़ने पर जोर दिया। वहीं, IIM बोधगया की निदेशक डॉ. विनीता सिंह सहाय ने जानकारी दी कि इस योजना के लिए कुल 121 योग्य फेलोज़ का चुनाव किया जाएगा।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| फेलोशिप की अवधि | दो वर्ष |
| मासिक मानदेय | 80,000 रुपये से 1.50 लाख रुपये तक |
| प्रशिक्षण | IIM बोधगया में 40 दिन का ट्रेनिंग प्रोग्राम |
| तैनाती स्थल | सचिवालय, नगर निगम, जिला समाहरणालय और मुख्य सचिव/मुख्यमंत्री कार्यालय |
| पात्रता | बिहार का मूल निवासी, अधिकतम आयु 45 वर्ष, स्नातकोत्तर डिग्री (न्यूनतम 55% अंक) |
| मिलने वाला लाभ | IIM बोधगया का पीजी सर्टिफिकेट और सरकार का अनुभव प्रमाण-पत्र |