Bihar में ‘विकसित बिहार 2047’ के लिए मुख्यमंत्री फेलोज़ का चयन, 106 युवाओं को मिला मौका
Bihar: राज्य सरकार ने साल 2047 तक बिहार को एक विकसित राज्य बनाने के लक्ष्य के साथ युवाओं की काबिलियत और नए आइडियाज पर भरोसा जताया है। इसके लिए मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना के तहत चुने गए फेलोज़ के लिए पटना के अधिवेशन भवन मे
Bihar: राज्य सरकार ने साल 2047 तक बिहार को एक विकसित राज्य बनाने के लक्ष्य के साथ युवाओं की काबिलियत और नए आइडियाज पर भरोसा जताया है। इसके लिए मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना के तहत चुने गए फेलोज़ के लिए पटना के अधिवेशन भवन में एक ओरिएंटेशन प्रोग्राम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मकसद युवाओं को प्रशासन की बारीकियों से जोड़ना और उन्हें राज्य के विकास में शामिल करना है।
इस कार्यक्रम का आयोजन सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के तहत बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी (BPSMS) ने किया। मौके पर विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह और अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्दर समेत IIM बोधगया के अधिकारी मौजूद थे। डॉ. बी. राजेन्दर ने बताया कि यह योजना बिहार की अन्य भर्तियों से अलग है क्योंकि यह एक लर्निंग प्रोग्राम है, जहाँ युवा प्रशासन के साथ काम करते हुए सुशासन में अपना योगदान देंगे।
विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने फेलोज़ को सलाह दी कि वे जमीनी हकीकत को समझें और डेटा के आधार पर काम करें। उन्होंने ‘सहयोग शिविर’ जैसी पहलों पर जोर दिया ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के आखिरी व्यक्ति तक पहुँच सके। फेलोज़ को बिहार और भारत के आर्थिक सर्वेक्षण जैसे जरूरी दस्तावेजों को पढ़ने के लिए भी कहा गया है।
इस पूरी योजना की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल चयनित फेलोज़ | 106 उम्मीदवार |
| मासिक मानदेय | 80,000 रुपये से 1.50 लाख रुपये |
| कार्य अवधि | 2 वर्ष |
| पात्रता | बिहार के मूल निवासी (अधिकतम आयु 45 वर्ष) |
| शैक्षणिक योग्यता | प्रबंधन, लोक प्रशासन या संबंधित विषय में PG डिग्री |
| प्रमाणन | IIM बोधगया द्वारा ‘लोक नीति एवं सुशासन’ सर्टिफिकेट |
यह योजना IIM बोधगया के सहयोग से शुरू की गई है, जिसके लिए 27 नवंबर 2025 को एक समझौता ज्ञापन (MoU) साइन हुआ था। चयनित फेलोज़ को मुख्यमंत्री सचिवालय, मुख्य सचिव कार्यालय, जिला पदाधिकारी और नगर निगम आयुक्त जैसे महत्वपूर्ण विभागों में तैनात किया जाएगा। इससे युवाओं को सीधे वरिष्ठ अधिकारियों के साथ काम करने और नीति बनाने की प्रक्रिया को समझने का मौका मिलेगा।