Bihar में ‘विकसित बिहार 2047’ के लिए मुख्यमंत्री फेलोज़ की टीम तैयार, 106 युवाओं को मिला ओरिएंटेशन

Bihar: राज्य सरकार ने बिहार को साल 2047 तक एक विकसित राज्य बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए युवाओं की काबिलियत और नए आइडियाज का सहारा लिया जा रहा है। इसी कड़ी में पटना के अधिवेशन भवन (पुराना स

Bihar: राज्य सरकार ने बिहार को साल 2047 तक एक विकसित राज्य बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए युवाओं की काबिलियत और नए आइडियाज का सहारा लिया जा रहा है। इसी कड़ी में पटना के अधिवेशन भवन (पुराना सचिवालय) में मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना के तहत चुने गए फेलोज़ के लिए एक भव्य ओरिएंटेशन प्रोग्राम आयोजित किया गया।

इस कार्यक्रम का आयोजन गुरुवार, 18 जून 2026 को बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी (BPSMS) और सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा किया गया। इस योजना को राज्य सरकार ने सुशासन कार्यक्रम के तहत 9 सितंबर 2025 को मंजूरी दी थी। इस पूरी पहल में बिहार सरकार के साथ IIM बोधगया की अहम भूमिका है। कार्यक्रम में कुल 106 चयनित फेलोज़ शामिल हुए, जो अब राज्य प्रशासन के अलग-अलग स्तरों पर काम शुरू करेंगे।

विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने फेलोज़ को सलाह दी कि वे डेटा के आधार पर बदलाव लाएं और सरकारी योजनाओं का लाभ आखिरी व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए ‘सहयोग शिविरों’ को एक केस स्टडी की तरह देखें। उन्होंने फेलोज़ से राष्ट्र सेवा की भावना से काम करने और बिहार व भारत के आर्थिक सर्वेक्षण जैसे जरूरी दस्तावेजों को पढ़ने पर जोर दिया। वहीं, सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्दर ने बताया कि यह योजना ‘विकसित बिहार 2047’ की नींव है और बिहार उन चुनिंदा राज्यों में शामिल है जिन्होंने ऐसी फेलोशिप लागू की है। IIM बोधगया की निदेशक डॉ. विनीता सिंह सहाय ने कहा कि इसका मकसद प्रतिभाशाली युवाओं को सीधे नीति बनाने और उसे लागू करने की प्रक्रिया से जोड़ना है।

इस फेलोशिप से जुड़ी जरूरी जानकारी नीचे दी गई है:

विवरण जानकारी
निवास और आयु बिहार का मूल निवासी, अधिकतम आयु 45 वर्ष
योग्यता मैनेजमेंट, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन या विज्ञान क्षेत्र में PG (न्यूनतम 55% अंक)
अनुभव पद के अनुसार 3 से 10 साल का अनुभव
फेलोशिप अवधि दो साल
मासिक मानदेय 80,000 रुपये से 1.50 लाख रुपये तक
प्रमाण पत्र IIM बोधगया से PG सर्टिफिकेट और बिहार सरकार से अनुभव प्रमाण पत्र