Bihar: बिहार के मुखियाओं और पंचायत प्रतिनिधियों की सुरक्षा के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने बताया कि फील्ड में काम करने वाले प्रतिनिधियों को कई सुरक्षा चुनौतियों का सामना करना पड
Bihar: बिहार के मुखियाओं और पंचायत प्रतिनिधियों की सुरक्षा के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने बताया कि फील्ड में काम करने वाले प्रतिनिधियों को कई सुरक्षा चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसी को देखते हुए सरकार ने जिलों में लंबित हथियार लाइसेंस के आवेदनों को जल्द से जल्द निपटाने का आदेश दिया है।
लाइसेंस मिलने की समय सीमा और नियम क्या हैं
Bihar Home Department ने सभी जिलाधिकारियों (DM) और एसएसपी (SSP) को निर्देश दिया है कि पंचायत प्रतिनिधियों और ग्राम कचहरियों के आवेदनों का निपटारा 60 दिनों के भीतर किया जाए। पुलिस स्टेशनों को निर्देश मिला है कि वे वेरिफिकेशन रिपोर्ट 30 दिनों के अंदर जमा करें। गृह विभाग हर महीने इन आवेदनों की समीक्षा करेगा और डीएम व एसपी को हर महीने की सात तारीख तक रिपोर्ट देनी होगी।
सरकार ने यह फैसला क्यों लिया
मुख्यमंत्री Nitish Kumar की अध्यक्षता में जून 2025 की कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया था। राज्य के कई जिलों में मुखियाओं और अन्य पंचायत प्रतिनिधियों पर हिंसक हमलों और हत्याओं की घटनाएं बढ़ी थीं। इसी सुरक्षा जोखिम को देखते हुए तीन स्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों को हथियार लाइसेंस देने की मंजूरी दी गई।
किसे नहीं मिलेगा गन लाइसेंस
लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में वेरिफिकेशन के नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा। जिन लोगों पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, उन्हें हथियार लाइसेंस नहीं दिया जाएगा। जिला मजिस्ट्रेट (DM) आवेदनों की जांच के बाद अपने विवेक से निर्णय लेंगे कि किसे लाइसेंस देना है और किसे नहीं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुखियाओं के हथियार लाइसेंस आवेदन में कितना समय लगेगा
सरकारी नियमों के अनुसार, आवेदन का निपटारा 60 दिनों के भीतर करना होगा और पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट 30 दिनों के अंदर जमा करनी होगी।
क्या सभी मुखियाओं को गन लाइसेंस मिलेगा
नहीं, केवल वही प्रतिनिधि पात्र होंगे जिनका वेरिफिकेशन सही होगा। गंभीर आपराधिक मामलों में फंसे लोगों को लाइसेंस नहीं दिया जाएगा।