Bihar: मोतिहारी के पूर्वी चंपारण जिले में जहरीली शराब पीने से कई लोगों की जान चली गई है। इस हादसे में अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से बीमार हैं। कुछ लोगों की आंखों की रोशनी भी चल
Bihar: मोतिहारी के पूर्वी चंपारण जिले में जहरीली शराब पीने से कई लोगों की जान चली गई है। इस हादसे में अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से बीमार हैं। कुछ लोगों की आंखों की रोशनी भी चली गई है, जिससे इलाके में काफी डर और तनाव का माहौल है।
इस हादसे में अब तक क्या हुआ और कितना नुकसान हुआ
यह घटना 3 अप्रैल 2026 के आसपास शुरू हुई थी। शुरुआत में कुछ लोग बीमार हुए, लेकिन धीरे-धीरे मौतों का आंकड़ा बढ़ता गया। 12 अप्रैल तक कुल 10 लोगों की मौत दर्ज की गई। मृतकों में परीक्षण मांझी, हीरालाल भगत, प्रमोद यादव, चंदू कुमार और इलाज के दौरान दम तोड़ने वाले इलियास अंसारी के नाम शामिल हैं। करीब 15 लोग अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं और 6 लोग अपनी आंखों की रोशनी खो चुके हैं।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तार आरोपी कौन हैं
पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी नागा राय और गांव के चौकीदार भरत राय समेत 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड स्पिरिट माफिया लवकुश यादव भी पुलिस की गिरफ्त में है। आपूर्ति श्रृंखला में राजा कुमार, कन्हैया राय और सुनील साह की भूमिका पाई गई है। लापरवाही बरतने के आरोप में तुरकौलिया थाना अध्यक्ष उमाशंकर मांझी को सस्पेंड कर दिया गया है और जांच के लिए SIT बनाई गई है।
जहरीली शराब कहां से आई और सरकार ने क्या कदम उठाए
जांच में पता चला है कि शराब बनाने के लिए नोएडा से औद्योगिक ग्रेड स्पिरिट मंगवाई गई थी, जिसे हाइड्रोलिक आयल बताकर लाया गया था। पुलिस ने छापेमारी में 26 लीटर के 50 से ज्यादा जार बरामद किए हैं। डीजीपी विनय कुमार ने बताया कि समय रहते 1500 लीटर मेथनॉल जब्त कर एक बड़ी त्रासदी को टाला गया। सरकार ने अब नई SOP जारी की है, जिसमें चौकीदार से लेकर SP तक को शराब तस्करों पर तुरंत छापेमारी करने और मासिक रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।