Bihar : बिहार के पूर्वी चंपारण (Motihari) जिले में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहाँ सरकार ने 40 मीटर लंबा एक पुल तो बना दिया, लेकिन पुल तक पहुँचने और उतरने के लिए अप्रोच रोड (पहुँच पथ) बनाना भूल गई। हालत यह है कि अग
Bihar : बिहार के पूर्वी चंपारण (Motihari) जिले में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहाँ सरकार ने 40 मीटर लंबा एक पुल तो बना दिया, लेकिन पुल तक पहुँचने और उतरने के लिए अप्रोच रोड (पहुँच पथ) बनाना भूल गई। हालत यह है कि अगर कोई वाहन इस पुल पर चढ़ता है, तो दूसरी तरफ उतरने का रास्ता नहीं है और सीधे पेड़ या गड्ढे में गिर सकता है।
बिना सड़क के पुल क्यों है बेकार
Motihari के इस पुल को ‘करप्शन इंजीनियरिंग’ का नमूना बताया जा रहा है। पुल तैयार है, लेकिन दोनों तरफ सड़क न होने की वजह से यह किसी काम का नहीं रहा। स्थानीय लोग और रिपोर्ट के अनुसार, पुल के दूसरी ओर रास्ता न होने और पेड़ों के होने के कारण वाहन चालक वहां से नीचे नहीं उतर सकते। यह घटना 16 मई 2026 को अपडेट हुई है और क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
बिहार में ऐसे और भी पुलों का हाल
बिहार के अन्य जिलों में भी इसी तरह की लापरवाही देखी गई है। अररिया के रानी गंज ब्लॉक में करीब 3 करोड़ की लागत से एक पुल खेत में बनाया गया, जहाँ न नदी है और न ही सड़क। वहीं, अररिया के जोकीहाट ब्लॉक में 2016 में बना एक पुल सड़क न होने के कारण बेकार पड़ा है और ग्रामीण सीढ़ियों के सहारे उसे पार करते हैं। किशनगंज के धूम गाँव में भी बिना नदी और सड़क के पुल बनाने का मामला सामने आया है।
सरकार और विभाग ने क्या कदम उठाए
ग्रामीण कार्य विभाग (Rural Works Department) अब अलर्ट मोड पर है। विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ निर्मल कुमार पटना में समीक्षा बैठकें कर रहे हैं ताकि अधूरे प्रोजेक्ट्स और जमीन विवादों को सुलझाया जा सके। मानसून से पहले 11 मई 2026 से राज्य के करीब 45,000 ग्रामीण पुलों और पुलियाओं की जांच शुरू की गई है। साथ ही, सड़क निर्माण विभाग बिहार में पहली बार टोल टैक्स पॉलिसी लाने की तैयारी कर रहा है ताकि पुलों का रखरखाव बेहतर हो सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Motihari में पुल के साथ क्या समस्या है
Motihari में 40 मीटर लंबा पुल तो बन गया है, लेकिन अप्रोच रोड (पहुँच पथ) नहीं बनाया गया, जिससे वाहन पुल पर चढ़ने के बाद दूसरी तरफ सुरक्षित नहीं उतर सकते।
बिहार के अन्य किन जिलों में ऐसे पुल मिले हैं
अररिया और किशनगंज जिलों में भी बिना नदी या बिना पहुँच मार्ग के पुल बनाए जाने की खबरें आई हैं, जिनमें अररिया के रानी गंज और जोकीहाट ब्लॉक प्रमुख हैं।