Uttarakhand: उत्तराखंड के ऋषिकेश में पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ में बिहार के सीतामढ़ी जिले के दो बड़े अपराधी वसीम और अनवरुल हक पकड़े गए हैं. ये दोनों अपराधी बिहार में एक पूर्व मुखिया के भतीजे की हत्या के मामले
Uttarakhand: उत्तराखंड के ऋषिकेश में पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ में बिहार के सीतामढ़ी जिले के दो बड़े अपराधी वसीम और अनवरुल हक पकड़े गए हैं. ये दोनों अपराधी बिहार में एक पूर्व मुखिया के भतीजे की हत्या के मामले में फरार थे और उन पर 15-15 हजार रुपये का इनाम था. पुलिस ने इन्हें ऋषिकेश के खांड गांव और इंद्रमणि बडोनी चौक के पास से गिरफ्तार किया है.
कैसे हुई इन अपराधियों की गिरफ्तारी
देहरादून के एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल ने बताया कि चारधाम यात्रा की सुरक्षा और ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत संदिग्ध वाहनों की चेकिंग चल रही थी. इसी दौरान पुलिस ने इन संदिग्धों को रोका, जिस पर अपराधियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों अपराधियों के पैरों में गोली लगी और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. ऋषिकेश कोतवाल कैलाश चंद्र भट्ट ने भी इस पूरी कार्रवाई की पुष्टि की है.
किस मामले में थे वांछित और क्या हुआ बरामद
गिरफ्तार अपराधी सीतामढ़ी के नानपुर थाना क्षेत्र के महुआगाछी के रहने वाले हैं. इन्होंने 17 मई 2026 को सीएसपी संचालक और पूर्व मुखिया के भतीजे सुंदर यादव की हत्या की थी. बताया जा रहा है कि लूट के दौरान उन्होंने एक व्यक्ति को गोली मारी थी और लूटे गए पैसों को बांटने के लिए वे ऋषिकेश भाग गए थे. पुलिस ने इनके पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:
- दो अवैध तमंचे
- जिंदा कारतूस
- वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल
इन अपराधियों के खिलाफ अब भारतीय न्याय संहिता और शस्त्र अधिनियम के तहत नया मामला दर्ज किया गया है और उनके पुराने आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
ऋषिकेश में गिरफ्तार बिहार के अपराधियों का नाम क्या है?
गिरफ्तार अपराधियों के नाम वसीम (आमिर) और अनवरुल हक (अकरम) हैं, जो बिहार के सीतामढ़ी जिले के नानपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं.
इन अपराधियों ने बिहार में कौन सा बड़ा अपराध किया था?
इन अपराधियों ने 17 मई 2026 को सीतामढ़ी में पूर्व मुखिया के भतीजे और सीएसपी संचालक सुंदर यादव की हत्या की थी और लूट की वारदात को अंजाम दिया था.