Bihar में मानसून की बेरुखी से किसान परेशान, 35 जिलों में सामान्य से कम बारिश, गया में सबसे बुरा हाल

Bihar: राज्य में इस साल मानसून की कमी ने किसानों की कमर तोड़ दी है. बिहार के 38 में से 35 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे खेती-किसानी पर गहरा असर पड़ा है. राज्य में अब तक औसत से 42% कम वर्षा हुई है, जि

Bihar: राज्य में इस साल मानसून की कमी ने किसानों की कमर तोड़ दी है. बिहार के 38 में से 35 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे खेती-किसानी पर गहरा असर पड़ा है. राज्य में अब तक औसत से 42% कम वर्षा हुई है, जिसके कारण धान की रोपनी में भारी गिरावट आई है.

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 15 जुलाई 2026 तक राज्य में 335 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन असल में केवल 193.4 मिलीमीटर बारिश ही हुई है. सबसे ज्यादा असर गया जिले में देखा गया है, जहां 71% कम बारिश हुई है. इसके अलावा जहानाबाद में 69%, भोजपुर में 65% और नालंदा व जमुई में 64% तक वर्षा की कमी रही है. हालात इतने खराब हैं कि 14 जिलों में धान की रोपनी 10% से भी कम हो पाई है.

प्रभावित क्षेत्र/विवरण स्थिति/आंकड़ा
कुल प्रभावित जिले 35 जिले
गया जिले में कमी 71%
जहानाबाद में कमी 69%
भोजपुर में कमी 65%
नालंदा और जमुई में कमी 64%
औसत वर्षा की कमी 42%
धान रोपनी (14 जिलों में) 10% से कम

सरकार इस स्थिति पर नजर रखे हुए है. आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सदा ने कहा कि सरकार सूखे की स्थिति की निगरानी कर रही है और जिलों से रिपोर्ट मांगी गई है. जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने इस कमी का कारण अल नीनो प्रभाव को बताया है. वहीं कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि कृषि विभाग किसानों को मक्का, अरहर और राई जैसी वैकल्पिक फसलों के लिए मुफ्त बीज देने की तैयारी कर रहा है और धान की सीधी बुवाई के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा.

ICAR पटना ने भी किसानों के लिए सलाह जारी की है. इसमें कम समय में पकने वाली और सूखा सहने वाली धान की किस्मों को बोने तथा मोटे अनाज की खेती करने की सलाह दी गई है. मौसम विभाग ने उम्मीद जताई है कि 18-19 जुलाई के बाद राज्य के ज्यादातर हिस्सों में बारिश होगी जिससे स्थिति सुधर सकती है. फिलहाल उत्तर बिहार के बांका और पश्चिमी चंपारण में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जबकि पटना समेत दक्षिण बिहार में उमस भरी गर्मी बनी हुई है.