Bihar: बिहार के लोगों के लिए मौसम से जुड़ी बड़ी खबर है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक इस बार मानसून अपनी सामान्य तारीख से करीब 4 दिन पहले राज्य में दस्तक दे सकता है। हालांकि, मानसून से पहले राज्य के कई हिस्सों में तेज हवाओ
Bihar: बिहार के लोगों के लिए मौसम से जुड़ी बड़ी खबर है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक इस बार मानसून अपनी सामान्य तारीख से करीब 4 दिन पहले राज्य में दस्तक दे सकता है। हालांकि, मानसून से पहले राज्य के कई हिस्सों में तेज हवाओं और बारिश का दौर जारी रहेगा, जिससे आम जनजीवन और खेती पर असर पड़ सकता है।
बिहार में मानसून कब तक पहुंचेगा और कहां से होगा प्रवेश
IMD के अनुमान के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून 26 मई के आसपास केरल पहुंचेगा। इसके बाद यह तेजी से आगे बढ़ते हुए 8 से 10 जून 2026 के बीच बिहार पहुंच सकता है। आमतौर पर मानसून किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, अररिया, सुपौल और भागलपुर जैसे जिलों से राज्य में प्रवेश करता है और फिर धीरे-धीरे पटना समेत अन्य इलाकों में फैलता है। उम्मीद है कि 15 जून तक पूरा बिहार मानसून की चपेट में होगा।
आंधी-बारिश का अलर्ट और वर्तमान स्थिति
बिहार एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, सबौर ने 16 मई को 40-50 kmph की रफ्तार से हवाएं चलने और हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई है। इससे पहले 15 मई को उत्तर और पूर्व बिहार के 19 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया था। हालांकि, 16 मई को पटना और सारण प्रमंडल में मौसम साफ रहने और धूप निकलने का अनुमान है, जहां बारिश की संभावना शून्य है।
कम बारिश का खतरा और खेती पर असर
मौसम विशेषज्ञों और IMD ने चेतावनी दी है कि इस साल बिहार में मानसून के दौरान सामान्य से कम बारिश हो सकती है। ला नीना के कमजोर होने और जलवायु परिवर्तन को इसकी वजह माना जा रहा है। कम बारिश की वजह से खासकर दक्षिण बिहार में सूखे जैसी स्थिति बन सकती है, जिससे खेती और पानी के संरक्षण में बड़ी मुश्किलें आ सकती हैं। पिछले मानसून में भी पूर्वी चंपारण, मधेपुरा और पूर्णिया जैसे कई जिलों में 49-54% तक बारिश की कमी दर्ज की गई थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार में मानसून कब तक आने की उम्मीद है?
IMD के अनुसार, बिहार में मानसून 8 जून से 10 जून 2026 के बीच पहुंच सकता है, जो अपनी सामान्य तारीख से लगभग 4 दिन पहले है।
क्या इस साल बिहार में भारी बारिश होगी?
नहीं, IMD और मौसम विशेषज्ञों ने इस साल बिहार में सामान्य से कम बारिश (below-normal rainfall) होने का अनुमान लगाया है, जिससे सूखे का खतरा बढ़ सकता है।