Bihar: राज्य में इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून अपनी सामान्य तारीख से चार दिन पहले आने वाला है। IMD के मुताबिक 8 से 10 जून के बीच मानसून की दस्तक हो सकती है। हालांकि, राहत की बात यह है कि मानसून जल्दी आएगा, लेकिन चिंता इस ब
Bihar: राज्य में इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून अपनी सामान्य तारीख से चार दिन पहले आने वाला है। IMD के मुताबिक 8 से 10 जून के बीच मानसून की दस्तक हो सकती है। हालांकि, राहत की बात यह है कि मानसून जल्दी आएगा, लेकिन चिंता इस बात की है कि इस बार बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान है, जिसका सीधा असर खेती और पानी के इंतजाम पर पड़ेगा।
बिहार में मानसून कब आएगा और कितना बरसेगा पानी
मौसम विभाग के अनुसार, बिहार में मानसून 8-10 जून के बीच पहुंच सकता है, जबकि आमतौर पर यह 12-15 जून तक आता है। पटना में मानसून जून के तीसरे हफ्ते यानी 18-22 जून के बीच सक्रिय होगा। बारिश की बात करें तो इस बार जून से सितंबर तक सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है। बिहार के लिए सामान्य वर्षा का मानक 992.2 मिमी है, लेकिन इस बार देश भर में औसत बारिश 92% के आसपास रहने की उम्मीद है।
किसानों और आम लोगों पर क्या होगा असर
कम बारिश की वजह से खरीफ फसलों, खासकर धान और जूट की खेती पर बुरा असर पड़ सकता है। राज्य के मध्य और पश्चिमी हिस्सों में पानी की कमी ज्यादा देखी जा सकती है। पिछले 10 सालों में से 7 साल बिहार में कम बारिश हुई है, जिससे जल संचयन की चुनौती और बढ़ गई है। अल नीनो के प्रभाव के कारण भी बारिश में कमी आने की संभावना जताई गई है।
सरकार की तैयारी और वर्तमान मौसम का हाल
बिहार सरकार ने मानसून की तैयारियों को लेकर बैठकें शुरू कर दी हैं। शहरी विकास मंत्री नीतीश मिश्रा ने शहरों में जल निकासी के काम तेज करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आंधी-तूफान या बिजली गिरने से होने वाली मौतों के लिए 4 लाख रुपये की सहायता राशि तय की है। फिलहाल 19 जिलों में प्री-मानसून गतिविधि के कारण बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें किशनगंज, पूर्णिया और भागलपुर जैसे जिले शामिल हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार में मानसून कब तक आएगा?
बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून 8 से 10 जून, 2026 के बीच पहुंचने की संभावना है, जो सामान्य समय से करीब चार दिन पहले है।
क्या इस बार बिहार में अच्छी बारिश होगी?
नहीं, IMD ने इस बार जून से सितंबर तक सामान्य से कम वर्षा का अनुमान लगाया है, जिससे कृषि और जल संचयन में दिक्कत आ सकती है।