Bihar: पटना के मोकामा स्थित नौरंगा जलालपुर गांव में पुलिस और अपराधियों के बीच एक अजीबोगरीब विवाद सामने आया है। यहां सोनू-मोनू नाम के दो कुख्यात भाइयों के घर छापेमारी करने गई पुलिस टीम की कथित तौर पर तलाशी ली गई, जिसका वी
Bihar: पटना के मोकामा स्थित नौरंगा जलालपुर गांव में पुलिस और अपराधियों के बीच एक अजीबोगरीब विवाद सामने आया है। यहां सोनू-मोनू नाम के दो कुख्यात भाइयों के घर छापेमारी करने गई पुलिस टीम की कथित तौर पर तलाशी ली गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल है। इस घटना के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए दो थानाध्यक्षों को सस्पेंड कर दिया है।
क्या है पूरा मामला और क्यों हुई पुलिस की तलाशी
विवाद की शुरुआत 22 मई 2026 को पैक्स अध्यक्ष और सरपंच प्रतिनिधि मुकेश कुमार की एक सोशल मीडिया पोस्ट से हुई थी। इसके बाद 23 मई की शाम सोनू-मोनू गिरोह ने मुकेश सिंह पर फायरिंग कर दी। जब 24 मई को पुलिस टीम सोनू-मोनू के घर छापेमारी करने पहुंची, तो वहां मौजूद लोगों ने पुलिसकर्मियों की तलाशी लेने की मांग की। वायरल वीडियो में एक युवक पुलिसकर्मियों की तलाशी लेता दिख रहा है। इस दौरान सोनू की मां उर्मिला देवी ने सर्च वारंट की मांग भी की थी।
किन अधिकारियों पर गिरी गाज और क्या है सरकार का स्टैंड
पटना एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने पंचमहला थानाध्यक्ष कुंदन कुमार और हाथीदह थानाध्यक्ष रंजन कुमार को ड्यूटी में लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित कर दिया है। एसएसपी ने कहा कि छापेमारी के दौरान अधिकारियों की कार्यशैली सही नहीं थी। वहीं, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने साफ कहा है कि पुलिस के साथ गलत व्यवहार करने वालों का पूरा हिसाब होगा और कानूनन कार्रवाई की जाएगी।
कौन हैं सोनू-मोनू और क्या है इनका पुराना इतिहास
सोनू और मोनू मोकामा के नौरंगा जलालपुर गांव के रहने वाले दो कुख्यात गैंगस्टर भाई हैं। इन पर हत्या, अपहरण और रंगदारी जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं। ये पहले बाहुबली अनंत सिंह के करीबी थे, लेकिन बाद में इनके बीच विवाद हो गया और इन्होंने अपना अलग गिरोह बना लिया। जनवरी 2025 में भी इनके और अनंत सिंह के समर्थकों के बीच गांव में करीब 100 राउंड फायरिंग की घटना हो चुकी है। फिलहाल पुलिस इन दोनों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सोनू-मोनू के घर छापेमारी के दौरान क्या हुआ था
छापेमारी के दौरान सोनू-मोनू के सहयोगियों ने पुलिसकर्मियों की तलाशी ली और सर्च वारंट मांगा, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस लापरवाही के कारण दो थानाध्यक्षों को निलंबित किया गया है।
इस पूरे विवाद की शुरुआत कैसे हुई
विवाद की शुरुआत पैक्स अध्यक्ष मुकेश कुमार की एक सोशल मीडिया पोस्ट से हुई, जिसके बाद सोनू-मोनू गिरोह ने मुकेश कुमार पर फायरिंग कर दी थी।