Bihar में बनेंगे 41 आधुनिक शवदाह गृह, 7 निश्चय योजना के तहत BUDCO करेगा निर्माण
Bihar: राज्य सरकार लोगों को अंतिम संस्कार के लिए बेहतर और सम्मानजनक सुविधाएं देने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री के ‘7 निश्चय’ कार्यक्रम के तहत प्रदेश में कुल 41 आधुनिक शवदाह गृह बनाए जा रहे हैं। इन प्रोजेक्ट्
Bihar: राज्य सरकार लोगों को अंतिम संस्कार के लिए बेहतर और सम्मानजनक सुविधाएं देने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री के ‘7 निश्चय’ कार्यक्रम के तहत प्रदेश में कुल 41 आधुनिक शवदाह गृह बनाए जा रहे हैं। इन प्रोजेक्ट्स का मुख्य उद्देश्य दाह संस्कार की प्रक्रिया को व्यवस्थित और पर्यावरण के अनुकूल बनाना है।
इन शवदाह गृहों के निर्माण की जिम्मेदारी Bihar Urban Infrastructure Development Corporation Limited (BUDCO) को सौंपी गई है। अब तक 11 शवदाह गृह पूरी तरह तैयार हो चुके हैं, जबकि बाकी 30 पर काम चल रहा है। BUDCO के मैनेजिंग डायरेक्टर अनिमेश कुमार पाराशर ने अधिकारियों को काम की गुणवत्ता बनाए रखने और निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
इन 41 आधुनिक शवदाह गृहों को बनाने में करीब 241.71 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पटना के बांस घाट पर 89.40 करोड़ की लागत से एक बड़ा आधुनिक शवदाह गृह बन रहा है, जो जल्द ही पूरा हो जाएगा। यहाँ राख विसर्जन के लिए दो बड़े तालाब, मोक्ष द्वार, वैकुंठ द्वार, एसी वेटिंग हॉल, प्रार्थना कक्ष और पार्किंग जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
इसके अलावा सरकार ने Coimbatore के Isha Foundation के साथ एक समझौता किया है। इसके तहत पटना, गया, छपरा, सहरसा, भागलपुर और बेगूसराय जैसे छह शहरों में गैस (LPG) आधारित शवदाह गृह बनाए जाएंगे। सरकार इन केंद्रों के लिए हर शहर में एक एकड़ जमीन 33 साल की लीज पर मात्र 1 रुपये के टोकन अमाउंट पर देगी।
| शहर/स्थान | लागत/स्थिति | संभावित पूरा होने का समय |
|---|---|---|
| बिहारशरीफ | 9.44 करोड़ | जनवरी 2026 |
| सहरसा | 9.02 करोड़ | जनवरी 2026 |
| बेतिया | 2.86 करोड़ | जनवरी 2026 |
| अररिया | गुणवत्ता जांच पूरी | 15 अप्रैल 2025 |
सरकार की योजना के मुताबिक मार्च 2026 तक कटिहार, पूर्णिया, गया, समस्तीपुर, भागलपुर, खगड़िया, सीतामढ़ी, मोतिहारी, मुजफ्फरपुर, बक्सर और हाजीपुर समेत 13 और प्रोजेक्ट्स पूरे कर लिए जाएंगे। साथ ही ‘7 निश्चय-3’ के तहत अब ग्रामीण इलाकों की पंचायतों में भी आधुनिक मुक्तिधाम बनाए जाएंगे, ताकि गांव के लोगों को भी बुनियादी सुविधाएं मिल सकें।