Bihar: बिहार सरकार अब मंत्रियों और सरकारी अफसरों को मिलने वाले अनलिमिटेड पेट्रोल के खर्च पर रोक लगाने जा रही है। यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद लिया गया है। अब सरकारी गाड़ियों में ईंधन के इस्तेमाल के ल
Bihar: बिहार सरकार अब मंत्रियों और सरकारी अफसरों को मिलने वाले अनलिमिटेड पेट्रोल के खर्च पर रोक लगाने जा रही है। यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद लिया गया है। अब सरकारी गाड़ियों में ईंधन के इस्तेमाल के लिए एक तय सीमा तय की जा सकती है जिससे सरकारी खजाने पर बोझ कम होगा।
पेट्रोल के खर्च पर लगाम क्यों लग रही है
राज्य सरकार ने यह कदम पीएम मोदी की अपील को ध्यान में रखकर उठाया है। अब तक कई मंत्रियों और बड़े अधिकारियों को पेट्रोल के लिए कोई तय सीमा नहीं मिली हुई थी, जिसे अब सीमित किया जाएगा। इस बदलाव का मकसद सरकारी खर्चों में कटौती करना और अनुशासन लाना है।
पहले गाड़ियों की खरीद सीमा बढ़ाई गई थी
बता दें कि इससे पहले 28 मार्च 2026 को बिहार सरकार ने गाड़ियों की खरीद के लिए बजट बढ़ाया था। महंगाई और बाजार की बढ़ती कीमतों की वजह से मंत्रियों और हाई कोर्ट के जजों के लिए 37 लाख रुपये तक की गाड़ी की अनुमति दी गई थी। वहीं सीनियर ब्यूरोक्रेट्स के लिए यह सीमा 30 लाख रुपये और डीएम के लिए 22 लाख रुपये तय की गई थी।
अधिकारियों के लिए तय की गई थी खरीद लिमिट
- सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SP): 18 लाख रुपये तक की गाड़ी
- जूनियर अधिकारी: 16 लाख रुपये तक की गाड़ी
- जिला मजिस्ट्रेट (DM): 22 लाख रुपये तक की गाड़ी
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार में पेट्रोल की सीमा क्यों तय की जा रही है
यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद लिया गया है ताकि सरकारी खर्चों में कमी लाई जा सके और अनलिमिटेड पेट्रोल के इस्तेमाल पर लगाम लगाई जा सके।
क्या पहले गाड़ियों की खरीद सीमा में बदलाव हुआ था
हाँ, मार्च 2026 में महंगाई के कारण मंत्रियों के लिए 37 लाख और वरिष्ठ नौकरशाहों के लिए 30 लाख रुपये तक की गाड़ी खरीदने की अनुमति दी गई थी।