Bihar में मंत्री के सामने 50 हजार की रिश्वत मांगने वाला कर्मचारी बर्खास्त, वीडियो हुआ वायरल
Bihar: बिहार के सीतामढ़ी में एक सरकारी कर्मचारी की घूसखोरी उस समय पकड़ी गई जब उसने खुद मंत्री के सामने रिश्वत मांगी. अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखेंद्र पासवान के निर्देश पर आरोपी कर्मचारी को तत्काल प
Bihar: बिहार के सीतामढ़ी में एक सरकारी कर्मचारी की घूसखोरी उस समय पकड़ी गई जब उसने खुद मंत्री के सामने रिश्वत मांगी. अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखेंद्र पासवान के निर्देश पर आरोपी कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से नौकरी से निकाल दिया गया है. इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है.
यह मामला 1 अगस्त 2026 को मंत्री के जनता दरबार के दौरान सामने आया. कमलेश पासवान नाम के एक व्यक्ति ने शिकायत की थी कि एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मिलने वाले अनुदान के लिए उनसे रिश्वत मांगी जा रही है. मंत्री लखेंद्र पासवान ने मौके पर ही शिकायतकर्ता से आरोपी कर्मचारी को फोन लगवाया और स्पीकर ऑन कर दिया. फोन पर कर्मचारी ने रिश्वत की बात स्वीकार की, जिसे मंत्री ने खुद सुना.
रिश्वत की पुष्टि होने के बाद मंत्री ने सीतामढ़ी के जिला कल्याण पदाधिकारी (DWO) को सख्त निर्देश दिए कि एक घंटे के भीतर कर्मचारी की सेवा समाप्त की जाए. मंत्री ने चेतावनी दी थी कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो संबंधित अधिकारी पर भी गाज गिरेगी. आरोपी कर्मचारी चंदन कुमार, जो BELTRON के जरिए संविदा पर डेटा एंट्री ऑपरेटर था, उससे स्पष्टीकरण मांगा गया. जवाब संतोषजनक नहीं होने पर उसे बर्खास्त कर उसकी सेवा BELTRON को वापस भेज दी गई.
मंत्री लखेंद्र पासवान ने साफ कहा कि एनडीए सरकार में भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है और ऐसे कर्मचारियों को जेल जाना पड़ेगा. उन्होंने पीड़ित को भरोसा दिलाया कि अगर वह पात्र है तो अनुदान राशि बिना किसी रुकावट के जारी की जाएगी. विभागीय स्तर पर इस बात की भी चर्चा है कि अनुदान की पहली किस्त 23 जुलाई 2026 को ही जारी हो चुकी थी, फिर भी कर्मचारी ने पैसे मांगे.