Bihar: राज्य में रेत और अन्य खनिजों के अवैध खनन और परिवहन पर लगाम लगाने के लिए खान एवं भूतत्व विभाग अब आधुनिक तकनीक का सहारा ले रहा है। विभाग ने बॉडी वार्न कैमरों और लाइव वीडियोग्राफी के इस्तेमाल की योजना बनाई है। इस कदम
Bihar: राज्य में रेत और अन्य खनिजों के अवैध खनन और परिवहन पर लगाम लगाने के लिए खान एवं भूतत्व विभाग अब आधुनिक तकनीक का सहारा ले रहा है। विभाग ने बॉडी वार्न कैमरों और लाइव वीडियोग्राफी के इस्तेमाल की योजना बनाई है। इस कदम से छापेमारी के दौरान पारदर्शिता बढ़ेगी और दोषियों के खिलाफ ठोस डिजिटल सबूत जुटाना आसान होगा।
बॉडी वार्न कैमरों का इस्तेमाल क्यों होगा
खान एवं भूतत्व विभाग के सहायक निदेशक आनंद प्रकाश ने एक बैठक में बताया कि अब अधिकारियों के पास बॉडी वार्न कैमरे होंगे। इससे वाहनों की जांच, चालान वेरिफिकेशन और जब्ती की पूरी प्रक्रिया रिकॉर्ड की जाएगी। पटना हाई कोर्ट ने भी 7 अप्रैल 2026 को आदेश दिया था कि खनन अधिकारियों द्वारा की गई सभी वाहन जब्ती की पूरी वीडियोग्राफी होनी चाहिए ताकि कोर्ट में मामलों की सफलता दर बढ़ सके।
अवैध खनन रोकने के लिए और क्या इंतजाम हैं
विभाग केवल कैमरों तक सीमित नहीं है, बल्कि कई अन्य तकनीकी प्रणालियों पर भी काम कर रहा है। प्रमुख बॉर्डर चेकपोस्ट पर Automatic Number Plate Recognition (ANPR) सिस्टम लगाने की तैयारी है ताकि दूसरे राज्यों से आने वाले अवैध वाहनों को पकड़ा जा सके। इसके अलावा GPS आधारित व्हीकल ट्रैकिंग, ई-चालान सिस्टम और ड्रोन व सैटेलाइट सर्विलांस का भी उपयोग किया जा रहा है।
नियमों में बदलाव और भारी जुर्माना
सरकार ने अवैध खनन को रोकने के लिए नियमों को काफी सख्त कर दिया है। अब अवैध खनन में शामिल वाहन मालिकों पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। साथ ही, दोषियों को पकड़ाने के लिए सूचना देने वालों को नकद इनाम देने की घोषणा भी की गई है। नए नियमों के तहत अवैध खनन के लिए पांच साल तक की जेल की सजा का प्रावधान है और खनिजों के परिवहन के लिए ई-चालान अनिवार्य कर दिया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार में अवैध खनन रोकने के लिए कौन सी नई तकनीक आ रही है?
विभाग अब बॉडी वार्न कैमरों, लाइव वीडियोग्राफी और ANPR (Automatic Number Plate Recognition) सिस्टम का इस्तेमाल करेगा ताकि छापेमारी और वाहन जांच का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जा सके।
अवैध खनन में पकड़े जाने पर क्या जुर्माना लगेगा?
उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा के अनुसार, अवैध खनन में शामिल वाहन मालिकों पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है और दोषियों को 5 साल तक की जेल हो सकती है।