Bihar के मोटे अनाज की विदेशों में बढ़ी मांग, अमेरिका और कनाडा तक पहुंचा स्वाद; 57 करोड़ का हुआ एक्सपोर्ट
Bihar: बिहार के किसानों की मेहनत अब सात समंदर पार रंग ला रही है। राज्य में पैदा होने वाले मोटे अनाज यानी मिलेट्स की डिमांड अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी से बढ़ी है। अमेरिका, कनाडा और UAE जैसे देशों में बिहार के रागी और बा
Bihar: बिहार के किसानों की मेहनत अब सात समंदर पार रंग ला रही है। राज्य में पैदा होने वाले मोटे अनाज यानी मिलेट्स की डिमांड अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी से बढ़ी है। अमेरिका, कनाडा और UAE जैसे देशों में बिहार के रागी और बाजरा का स्वाद पसंद किया जा रहा है, जिससे राज्य को अब तक 57 करोड़ रुपये का एक्सपोर्ट मिला है।
बिहार सरकार अब राज्य को एक एग्रीकल्चर एक्सपोर्ट हब बनाने की तैयारी में है। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि जल्द ही राज्य की पहली एग्रीकल्चरल प्रोडक्ट एक्सपोर्ट पॉलिसी लागू की जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में सिर्फ कच्चा अनाज ही नहीं, बल्कि उससे बने वैल्यू-ऐडेड प्रोडक्ट्स को भी विदेश भेजा जाए ताकि किसानों को ज्यादा मुनाफा मिल सके।
खेती को आधुनिक बनाने और फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने के लिए सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नेशनल एग्रीकल्चरल डेवलपमेंट स्कीम के तहत 24 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया है। इस पैसे से सभी जिलों में आधुनिक अनाज गोदाम और पक्के थ्रेसिंग फ्लोर बनाए जाएंगे।
इसके अलावा, स्टोरेज की समस्या को दूर करने के लिए प्राइवेट निवेश को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। मधुबनी में 83.25 करोड़ रुपये के निवेश से 50,000 टन क्षमता का ग्रेन स्टोरेज साइलो बनाया जाएगा। केंद्र सरकार द्वारा मोटे अनाज को ‘श्री अन्न’ के रूप में प्रमोट करने से भी बिहार के किसानों के लिए नए रास्ते खुले हैं।