Bihar: भागलपुर, मुंगेर, बांका और जमुई जिलों के गांवों में अब दूध बेचने के लिए किसानों को दूर नहीं जाना होगा। बिहार सरकार की ‘सात निश्चय-तीन’ योजना के तहत इन चारों जिलों की सभी पंचायतों के गांवों में दुग्ध उत्
Bihar: भागलपुर, मुंगेर, बांका और जमुई जिलों के गांवों में अब दूध बेचने के लिए किसानों को दूर नहीं जाना होगा। बिहार सरकार की ‘सात निश्चय-तीन’ योजना के तहत इन चारों जिलों की सभी पंचायतों के गांवों में दुग्ध उत्पादक सहयोग समिति (DCS) खोलने का काम तेज कर दिया गया है। इस पहल से पशुपालकों को अपने दूध का उचित मूल्य सीधे उनके बैंक खातों में मिलेगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
किसानों को क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी
दुग्ध समितियों के गठन से पशुपालकों को कई तरह के लाभ मिलेंगे। सरकार का मुख्य जोर महिला डेयरी समितियों को बढ़ावा देने पर है। समितियों से जुड़ने वाले किसानों को मवेशियों की नस्ल सुधारने और बेहतर इलाज की सुविधा दी जाएगी। साथ ही, पशुओं के लिए हरे चारे के बीज, कैटल फीड और साइलेज की उपलब्धता आसान बनाई जाएगी ताकि दूध उत्पादन बढ़ सके।
सुधा बिक्री केंद्र और रोजगार के अवसर
सरकार ने हर पंचायत में सुधा दुग्ध बिक्री केंद्र खोलने का फैसला किया है। कुल 8053 पंचायतों में से 100 केंद्रों का काम पूरा हो चुका है और बाकी केंद्र वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंत तक खोले जाएंगे। खास बात यह है कि इन केंद्रों को मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से जुड़ी जीविका दीदियों को प्राथमिकता के आधार पर दिया जाएगा, जिससे महिलाओं को रोजगार मिलेगा।
प्रशासनिक तैयारी और वर्तमान स्थिति
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 7 फरवरी 2026 को इस योजना की घोषणा की थी। वर्तमान में डेयरी, मत्स्य एवं पशुसंसाधन विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक इसकी दैनिक समीक्षा कर रहे हैं। COMFED के प्रबंध निदेशक समीर सौरभ और विमूल भागलपुर के प्रबंध निदेशक शिवेन्द्र कुमार सिंह जमीनी स्तर पर इसकी निगरानी कर रहे हैं। राज्य के 39,073 गांवों में से 25,593 गांवों में समितियां बन चुकी हैं और बाकी का काम अगले दो साल में पूरा होगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दुग्ध उत्पादक सहयोग समिति का मुख्य उद्देश्य क्या है
इसका मुख्य उद्देश्य हर गांव में समिति बनाकर पशुपालकों को दूध का उचित मूल्य दिलाना और भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में करना है।
सुधा बिक्री केंद्रों का संचालन कौन करेगा
इन बिक्री केंद्रों को मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से लाभान्वित जीविका दीदियों को प्राथमिकता के आधार पर आवंटित किया जाएगा।