Bihar: राज्य सरकार ने सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों की हालत सुधारने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। अब मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी बढ़ाई जाएगी और हर महीने कम से कम पांच बार निरीक्षण होगा। इसके साथ ही सर
Bihar: राज्य सरकार ने सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों की हालत सुधारने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। अब मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी बढ़ाई जाएगी और हर महीने कम से कम पांच बार निरीक्षण होगा। इसके साथ ही सरकारी डॉक्टरों के लिए प्राइवेट प्रैक्टिस पर रोक लगाने का फैसला लिया गया है ताकि मरीजों को समय पर इलाज मिल सके।
निरीक्षण और निगरानी के नए नियम क्या हैं?
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए अब हर महीने 4 नियमित और 1 औचक निरीक्षण अनिवार्य कर दिया गया है। डॉक्टरों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए National Medical Commission (NMC) के नियमों के तहत सीसीटीवी कैमरों से निगरानी होगी। डॉक्टरों को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक कॉलेज में रहना होगा, वरना पीजी मान्यता रद्द की जा सकती है।
सरकारी डॉक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस और अन्य बदलाव
सरकार ने ‘सात निश्चय-3’ कार्यक्रम के तहत सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर पूरी तरह रोक लगाने का प्रस्ताव मंजूर किया है। यह नियम बिहार स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा सेवा संवर्ग के डॉक्टरों पर लागू होगा। जो डॉक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस छोड़ेंगे, उन्हें नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस (NPA) या अन्य प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
मेडिकल कॉलेजों के लिए जरूरी मानक
| मानक/नियम |
विवरण |
| बेड ऑक्यूपेंसी |
पीजी मान्यता के लिए कम से कम 80% बेड भरे होना जरूरी |
| ICU बेड |
कुल बेड का 15% हिस्सा पीजी ट्रेनिंग के लिए आरक्षित |
| डिजिटल रिकॉर्ड |
लैब टेस्ट और ओपीडी का ब्यौरा डिजिटल फॉर्मेट में NMC को भेजना होगा |
| मरीज आईडी |
सभी मरीजों की ‘ABHA ID’ बनाना अनिवार्य |
| सुविधाएं |
डिजिटल लाइब्रेरी, वाई-फाई और इन-हाउस लैब होना जरूरी |
स्वास्थ्य सेवाओं में अन्य सुधार
बिहार सरकार ने स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 1010 नए डॉक्टरों की नियुक्ति का आदेश दिया है। साथ ही, अस्पतालों और जिला स्तर के केंद्रों में सुरक्षा और इलाज की ऑनलाइन निगरानी के लिए 20 हजार सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। PMCH पटना में अब सभी जरूरी ब्लड टेस्ट रोजाना उपलब्ध होंगे।