Bihar के Madhubani में मिले प्राचीन सभ्यता के अवशेष, अगले 10 साल तक चलेगी खुदाई

Bihar/Madhubani : बिहार के मधुबनी जिले में स्थित Balirajgarh में पुरातत्व विभाग को प्राचीन सभ्यता के बड़े सबूत मिले हैं। खुदाई के दौरान यहाँ से पत्थर की गेंदें, मिट्टी के खिलौने और पुरानी दीवारों के अवशेष निकले हैं। सरका

Bihar/Madhubani : बिहार के मधुबनी जिले में स्थित Balirajgarh में पुरातत्व विभाग को प्राचीन सभ्यता के बड़े सबूत मिले हैं। खुदाई के दौरान यहाँ से पत्थर की गेंदें, मिट्टी के खिलौने और पुरानी दीवारों के अवशेष निकले हैं। सरकार ने अब यहाँ अगले 10 सालों तक लगातार खुदाई करने का फैसला किया है।

ASI Patna Circle ने 28 मार्च 2026 को यहाँ वैज्ञानिक तरीके से खुदाई शुरू की थी। हाल ही में 4 जुलाई 2026 को मिली जानकारियों के मुताबिक, यहाँ सात परतों वाली ईंटों की संरचना, आंगन, फर्श और पानी की निकासी के लिए सोक पिट वाला खास सिस्टम मिला है। साथ ही 13 रिंग वाला एक गोलाकार कुआं भी मिला है। खुदाई में मिट्टी के बर्तन, सिक्के, मोहरें और जानवरों की आकृतियां भी मिली हैं।

JDU नेता और राज्यसभा सांसद Sanjay Kumar Jha ने इस काम की प्रगति जानने के लिए केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के सचिव से बात की है। उन्होंने पहले केंद्रीय मंत्री Gajendra Singh Shekhawat से भी मुलाकात कर इस जगह के संरक्षण पर चर्चा की थी। संस्कृति मंत्रालय ने तय किया है कि यहाँ ASI का एक ऑफिस और एक म्यूजियम भी बनाया जाएगा।

ASI Patna Circle के सुपरिटेंडिंग आर्कियोलॉजिस्ट Hari Om Sharan ने बताया कि उनका मकसद उस मिट्टी तक पहुँचना है जहाँ इंसान सबसे पहले बसे थे। इससे यह पता चलेगा कि क्या यह जगह मौर्य काल से भी पुरानी है और इसका संबंध आयरन एज के Videha Kingdom से है। वहीं INTACH बिहार के डॉ शिव कुमार मिश्रा का कहना है कि ये खोजें बौद्ध साहित्य में बताए गए प्राचीन मिथिला शहर के विवरण से मेल खाती हैं।

Balirajgarh को ASI ने 1938 में ही राष्ट्रीय महत्व का संरक्षित स्थल घोषित कर दिया था। अब यहाँ मौर्य, शुंग, कुषाण, गुप्त और पाल काल के अलग-अलग सांस्कृतिक चरणों की जानकारी मिल रही है, जिससे उस समय के लोगों के रहन-सहन का पता चलेगा।