Bihar में शराबबंदी की खुली पोल, देसी से ज्यादा पकड़ी गई विदेशी शराब, पियक्कड़ों की संख्या तस्करों से दोगुनी
Bihar: राज्य में लागू शराबबंदी के दावों के बीच सरकारी आंकड़े कुछ और ही कहानी कह रहे हैं। मद्यनिषेध विभाग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार में देसी शराब के मुकाबले विदेशी शराब की तस्करी ज्यादा हो रही है। हैरानी की बात यह
Bihar: राज्य में लागू शराबबंदी के दावों के बीच सरकारी आंकड़े कुछ और ही कहानी कह रहे हैं। मद्यनिषेध विभाग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार में देसी शराब के मुकाबले विदेशी शराब की तस्करी ज्यादा हो रही है। हैरानी की बात यह है कि शराब बेचने वालों के मुकाबले शराब पीते पकड़े गए लोगों की संख्या लगभग दोगुनी रही है।
जनवरी से मई 2026 के बीच बिहार में कुल 17,53,333 लीटर अवैध शराब जब्त की गई। इसमें विदेशी शराब की मात्रा 9,51,796 लीटर रही, जबकि देसी शराब 8,01,537 लीटर पकड़ी गई। जब्त की गई इस शराब की कुल कीमत करीब 140.95 करोड़ रुपये बताई गई है। पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले शराब की जब्ती में 11% की बढ़ोतरी हुई है।
गिरफ्तारी के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस पांच महीने के दौरान कुल 56,904 लोगों को पकड़ा गया। इनमें से 37,027 लोग शराब पीने के आरोप में गिरफ्तार हुए, जबकि शराब की तस्करी या बिक्री में शामिल 19,877 लोग पकड़े गए। अप्रैल 2016 से मार्च 2026 के बीच कुल 17,18,058 लोगों को शराबबंदी कानून के तहत गिरफ्तार किया जा चुका है।
इस बीच Patna High Court ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा है कि शराबबंदी के मामलों में सिर्फ Breath Analyzer की रिपोर्ट के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। अब सजा दिलाने के लिए ब्लड टेस्ट जैसे वैज्ञानिक सबूत देना जरूरी होगा।
सरकार की तरफ से मद्यनिषेध मंत्री Madan Sahni ने कहा कि कानून का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। वहीं मुख्यमंत्री Samrat Chaudhary ने शराबबंदी हटाने की किसी भी संभावना को पूरी तरह खारिज कर दिया है। सरकार अब औद्योगिक इस्तेमाल के लिए Methyl Alcohol के आयात के लिए SOP तैयार कर रही है ताकि इसका गलत इस्तेमाल न हो। साथ ही, लोगों को विकल्प देने के लिए नीरा के उत्पादन और बिक्री को बढ़ावा दिया जा रहा है।
NFHS-6 के सर्वे में भी यह बात सामने आई है कि बिहार में शराब की खपत बढ़ी है। सर्वे के अनुसार, 15 साल से ज्यादा उम्र के 16.5% पुरुष शराब का सेवन कर रहे हैं, जो पिछले सर्वे (NFHS-5) में 15.4% था।