Bihar: बिहार के नए मुख्यमंत्री Samrat Chaudhary ने राज्य में लागू शराबबंदी को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026 को उन्होंने साफ कर दिया कि शराबबंदी हटाने का सवाल ही पैदा नहीं होता। इस फैसले से उन लोगों
Bihar: बिहार के नए मुख्यमंत्री Samrat Chaudhary ने राज्य में लागू शराबबंदी को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026 को उन्होंने साफ कर दिया कि शराबबंदी हटाने का सवाल ही पैदा नहीं होता। इस फैसले से उन लोगों को झटका लगा है जो उम्मीद कर रहे थे कि नई सरकार के आने के बाद इस कानून में ढील दी जाएगी।
शराबबंदी पर CM का क्या फैसला है
मुख्यमंत्री Samrat Chaudhary ने स्पष्ट किया कि राज्य में शराब के निर्माण, बिक्री और सेवन पर लगी रोक जारी रहेगी। उन्होंने इस फैसले को ‘अटल’ बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस नीति को प्रधानमंत्री Narendra Modi और पूर्व मुख्यमंत्री Nitish Kumar का पूरा समर्थन प्राप्त है। यह कानून समाज में शांति बनाए रखने और महात्मा गांधी के विजन को पूरा करने के लिए लागू किया गया था।
क्या सरकार के अंदर इस फैसले पर सहमति है
भले ही मुख्यमंत्री इस फैसले पर अडिग हैं, लेकिन NDA गठबंधन के कुछ सहयोगियों ने इस पर चिंता जताई है। RLM के MLA Madhav Anand, JD(U) के Anant Singh और HAM (S) प्रमुख Jitan Ram Manjhi ने राजस्व के नुकसान और इसके असर को देखते हुए कानून की समीक्षा करने की मांग की है। हालांकि, फिलहाल सरकार का ध्यान अवैध शराब की बिक्री और जहरीली शराब के खिलाफ सख्ती बढ़ाने पर है।
बिहार शराबबंदी कानून और अब तक की कार्रवाई
बिहार में शराबबंदी कानून 2 अक्टूबर 2016 को लागू हुआ था। इसमें नियमों का उल्लंघन करने पर 5 से 10 साल तक की जेल और संपत्ति जब्त करने जैसे कड़े प्रावधान हैं। साल 2025 के आंकड़ों के मुताबिक कार्रवाई की स्थिति इस प्रकार रही:
| विवरण |
आंकड़े (2025) |
| जब्त शराब की मात्रा |
36.3 लाख लीटर से अधिक |
| गिरफ्तार किए गए लोग |
1.25 लाख |