Bihar: बिहार में जमीन के सर्वे के काम को रफ्तार देने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के नए सचिव IAS जय सिंह ने प्रभार संभालते ही एक्शन लिया है। उन्होंने सर्वे की निगरानी के लिए मुख्यालय से
Bihar: बिहार में जमीन के सर्वे के काम को रफ्तार देने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के नए सचिव IAS जय सिंह ने प्रभार संभालते ही एक्शन लिया है। उन्होंने सर्वे की निगरानी के लिए मुख्यालय से 24 जिलों में वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती की है, ताकि जमीन के कागजात अपडेट करने के काम में तेजी आए।
जमीन सर्वे की निगरानी कैसे होगी और क्या है नया प्लान
विभाग ने तय किया है कि तैनात किए गए अधिकारी हर शनिवार को अपने आवंटित जिलों का दौरा करेंगे। ये अफसर अंचल स्तर पर चल रहे विशेष सर्वेक्षण शिविरों का निरीक्षण करेंगे और काम की प्रगति देखेंगे। निरीक्षण के बाद ये अधिकारी अपनी रिपोर्ट भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय, पटना को भेजेंगे। अधिकारियों को पहले से जरूरी ट्रेनिंग और दस्तावेज दिए जाएंगे ताकि वे मौके पर जाकर सही जांच कर सकें।
जमीन सर्वे से आम लोगों को क्या फायदा होगा
इस पहल का मुख्य उद्देश्य भूमि विवादों को कम करना और जमीन के रिकॉर्ड को पारदर्शी बनाना है। सचिव जय सिंह ने साफ किया है कि सर्वे कार्य को जल्द पूरा करना सरकार की प्राथमिकता है। अब उन लोगों को भी मालिकाना हक मिल सकेगा जिनके पास जमीन के पूरे कागजात नहीं हैं, वे स्व-घोषणा पत्र और उपलब्ध कागजों के आधार पर दावा कर सकते हैं।
दावा और आपत्ति के लिए क्या हैं नियम
- खानापुरी पर्चा मिलने के बाद रैयतों को प्रपत्र-8 में दावा या आपत्ति 30 दिनों के भीतर जमा करना होगा।
- मानचित्र सत्यापन का काम 30 कार्य दिवसों में पूरा होगा, जिसे जरूरत पड़ने पर 90 दिनों तक बढ़ाया जा सकता है।
- दावों और आपत्तियों का निपटारा अधिकतम 60 कार्य दिवसों के भीतर किया जाएगा।
- किसी भी शिकायत के लिए विभाग ने टोल फ्री नंबर 18003456215 जारी किया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अगर मेरे पास जमीन के कागजात नहीं हैं तो क्या मुझे मालिकाना हक मिलेगा
हाँ, सरकार ने नियमों में बदलाव किया है। अब जिनके पास पूरे कागजात नहीं हैं, वे उपलब्ध दस्तावेजों और एक स्व-घोषणा पत्र के आधार पर अपने मालिकाना हक का दावा कर सकते हैं।
जमीन सर्वे से जुड़ी शिकायत कहाँ करें
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने इसके लिए टोल फ्री नंबर 18003456215 जारी किया है, जिस पर लोग अपनी समस्या या शिकायत दर्ज करा सकते हैं।