Bihar में जमीन के कामों के लिए ऑफलाइन सिस्टम बंद, मंत्री ने अधिकारियों को दिया अल्टीमेटम, होगी सख्त कार्रवाई

Bihar: बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में अब ऑफलाइन काम करने वालों की खैर नहीं है। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने साफ कह दिया है कि विभाग में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति लागू होगी। उ

Bihar: बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में अब ऑफलाइन काम करने वालों की खैर नहीं है। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने साफ कह दिया है कि विभाग में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति लागू होगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि लंबित मामलों का जल्द निपटारा करें, वरना उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने गुरुवार, 6 अगस्त 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के अपर कलेक्टर, भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) और अंचलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिया कि विभाग की सभी सेवाएं अब केवल ऑनलाइन माध्यम से ही मिलेंगी। अगर किसी भी अधिकारी के यहाँ ऑफलाइन काम होने की शिकायत मिली, तो उस जिम्मेदार अधिकारी पर सख्त एक्शन लिया जाएगा।

इस पूरी मुहिम का मकसद जमीन से जुड़े कामों में भ्रष्टाचार को रोकना और पारदर्शिता लाना है। बैठक में विभाग के सचिव जय सिंह ने भी विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इसमें ऑनलाइन दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस, ई-मापी, अभियान बसेरा-2 और राजस्व मेगा-अभियान जैसे जरूरी कामों की जांच की गई। साथ ही यह भी देखा गया कि राजस्व न्यायालय प्रबंधन प्रणाली (RCMS) के तहत अदालतें कैसे काम कर रही हैं।

भ्रष्टाचार के खिलाफ यह अभियान काफी समय से चल रहा है। इससे पहले 5 अगस्त 2026 को मंत्री ने दाखिल-खारिज और जमाबंदी में अवैध वसूली की शिकायतों को दूर करने के लिए हाई-लेवल मीटिंग बुलाई थी। जुलाई 2026 में भी भ्रष्टाचार और लापरवाही के चलते दो महीने के भीतर 82 अधिकारियों पर कार्रवाई की गई थी।

सरकार ने जून 2026 में 46 लाख लंबित आवेदनों को निपटाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया था, जिसमें सभी दस्तावेजों की स्कैनिंग और पोर्टल पर अपलोड करने का लक्ष्य रखा गया था। मंत्री ने दोहराया कि सरकार भ्रष्टाचार और निर्देशों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों को बख्शेगी नहीं और आम जनता को समय पर पारदर्शी सेवा देना सुनिश्चित करेगी।