Bihar में जमीन रजिस्ट्री के बदले नियम, अब प्लॉट पर जाकर खिंचवानी होगी फोटो; जानें क्या है नया सिस्टम

Bihar: बिहार में जमीन की खरीद-बिक्री के दौरान होने वाले फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। अब जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए खरीदार और विक्रेता को खुद जमीन के टुकड़े पर जाना होगा और वहां फोटो खिंचवानी

Bihar: बिहार में जमीन की खरीद-बिक्री के दौरान होने वाले फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। अब जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए खरीदार और विक्रेता को खुद जमीन के टुकड़े पर जाना होगा और वहां फोटो खिंचवानी होगी। यह नया नियम भोजपुर के शाहपुर अंचल के 9 महत्वपूर्ण मौजों में अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि कोई भी व्यक्ति किसी दूसरे की जमीन या विवादित जमीन को फर्जी तरीके से न बेच सके।

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अनुसार, इस फोटोग्राफी आधारित निबंधन व्यवस्था में खरीदार, विक्रेता और निबंधन कर्मी तीनों को प्लॉट पर मौजूद रहना होगा। जगदीशपुर सब-रजिस्ट्री ऑफिस के कर्मियों ने बताया कि इस सिस्टम में करनमपुर, मिश्रवलिवा, लिलारी, बिलौटी, रंडाडीह, सेमरिया, हरिहरपुर और झौवन जैसे मौजों को शामिल किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे बिचौलियों और फर्जी दस्तावेजों के खेल पर लगाम लगेगी और असली प्लॉट की पहचान हो सकेगी।

रजिस्ट्री की प्रक्रिया में अब कई और बदलाव भी किए गए हैं। 21 मई 2026 से किसी भी संपत्ति की बिक्री से पहले संबंधित अंचल अधिकारी (CO) से वेरिफिकेशन रिपोर्ट लेना जरूरी होगा। CO को ऑनलाइन आवेदन के 10 दिनों के भीतर यह रिपोर्ट देनी होगी। इसके अलावा, 1 अप्रैल 2026 से रजिस्ट्री के दौरान 13 जरूरी जानकारियां देना अनिवार्य कर दिया गया है, जिसमें खाता, खेसरा, रकबा और चौहद्दी जैसी डिटेल्स शामिल हैं। यह सब ‘सात निश्चय 3’ कार्यक्रम के तहत डिजिटल किया जा रहा है।

जमीन की रजिस्ट्री अब महंगी भी हो गई है। 19 जून 2026 से शहरी और परिधीय क्षेत्रों में Minimum Value Register (MVR) को दोगुना कर दिया गया है, जबकि ग्रामीण इलाकों में इसमें 60 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। सामान्य स्टाम्प ड्यूटी भी 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर दी गई है। हालांकि, महिला खरीदारों को स्टाम्प ड्यूटी में 0.4 प्रतिशत और रजिस्ट्रेशन फीस में 0.1 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।

भविष्य में सरकार GIS मैपिंग और सैटेलाइट इमेजरी को भी अनिवार्य करने की तैयारी कर रही है, जिससे प्लॉट के सटीक अक्षांश (latitude) और देशांतर (longitude) पोर्टल पर अपलोड होंगे। इसके साथ ही, मुजफ्फरपुर से शुरू हुई डिजिटल डॉक्यूमेंट डिलीवरी सेवा को पूरे राज्य में लागू किया जाएगा, जिससे रजिस्ट्री होते ही खरीदार और विक्रेता के मोबाइल पर डिजिटल केवाला का लिंक पहुंच जाएगा। अब केवल वही व्यक्ति जमीन बेच पाएगा जिसका नाम जमाबंदी में दर्ज है और जो आधार व मोबाइल नंबर से लिंक है।